Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    IPL ब्लैक टिकटिंग में नया खुलासा, DDCA के कॉम्प्लीमेंट्री पास बेचने वाला पेट्रोल पंप सुपरवाइजर गिरफ्तार

    Updated: Wed, 13 May 2026 07:00 AM (IST)

    आईपीएल टिकटों की कालाबाजारी मामले में क्राइम ब्रांच ने पंकज यादव को गिरफ्तार किया है, जो डीडीसीए के कॉम्प्लीमेंट्री पास बेचता था। ...और पढ़ें

    पंकज यादव करीब 12 सालों से अधिक समय से स्टेडियम के पास स्थित पेट्रोल पंप में बतौर सुपरवाइजर तैनात था।

    पंकज यादव करीब 12 सालों से अधिक समय से स्टेडियम के पास स्थित पेट्रोल पंप में बतौर सुपरवाइजर तैनात था।

    HighLights

    1. पंकज यादव, पेट्रोल पंप सुपरवाइजर, आईपीएल पास बेचने में गिरफ्तार।

    2. डीडीसीए अधिकारियों से मिलीभगत की जांच कर रही क्राइम ब्रांच।

    3. आनंद वर्मा ने कॉम्प्लीमेंट्री पास के दुरुपयोग पर शिकायत की।

    राकेश कुमार सिंह, नई दिल्ली। आईपीएल टिकटों और काॅम्प्लीमेंट्री पास की कालाबाजारी मामले में क्राइम ब्रांच ने पंकज यादव नाम के एक और आरोपित को गिरफ्तार किया है। पंकज यादव करीब 12 सालों से अधिक समय से स्टेडियम के पास स्थित पेट्रोल पंप में बतौर सुपरवाइजर तैनात था।

    पेट्रोल पंप मैनेजर के अवकाश पर रहने के दौरान वह मैनेजर का काम भी देखता था। पुलिस के मुताबिक पंकज यादव की डीडीसीए के पदाधिकारियों से अच्छी जान पहचान है। इसलिए वह डीडीसीए के पदाधिकारियों से काॅम्प्लीमेंट्री पास लेकर उसे टिकट और पास ब्लैक करने वाले गिरोह को बेच देता था।

    क्राइम ब्रांच के डीसीपी संजीव कुमार यादव का कहना है कि पंकज यादव, मूलरूप से बागपत का रहने वाला है।इस मामले में पास व टिकट बेचने के आरोप में पहले तीन सदस्यों के पकड़े जाने के बाद पुलिस से बचने के लिए पंकज ने अपने एक मोबाइल को फार्मेट कर दिया और दूसरे फोन का हैंड सेट बदल लिया।

    पुलिस उसके फोन का डाटा रिकवर करने व पूछताछ करने के लिए एक सप्ताह का रिमांड लेने की कोशिश कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किन-किन लोगों से पास लेता था। इस मामले में अब तक दलाल व गिरोह के सदस्य ही पकड़े गए हैं। ये लाेग पास और टिकट किन-किन पदाधिकारियों से लेते थे मुख्य कड़ी में शामिल उन पदाधिकारियों की अब पहचान करने की कोशिश की जा रही है ताकि उन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जा सके।

    खबरें और भी

    बीते आठ मई को क्राइम ब्रांच ने मुकीम (मुरादाबाद), गुफरान उर्फ साजिद (जामिया नगर) और मोहम्मद फैसल (सीलमपुर) नाम के जिन तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ कर जेल भेज दिया गया। तीनों ने सोमवार को तीस हजारी कोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की थी। उन्हें कोर्ट ने जमानत देने से इंकार कर दिया। बुधवार को क्राइम ब्रांच कुछ पदाधिकारियों को पूछताछ में शामिल होने के लिए नोटिस भेज सकती है। उन्हें क्राइम ब्रांच के कार्यालय में जांच में शामिल होना पड़ेगा।

    1. अप्रैल 2025 में भी आइपीएल मैचों के दौरान स्टेडियम के आसपास से छिटपुट गिरफ्तारियां हुई थीं। पुलिस ने लोगों की शिकायतों पर स्टेडियम के विभिन्न गेटों से चार आरोपित को गिरफ्तार किया था। वे लोग 500 के टिकट को दो से तीन हजार में बेच रहे थे।
    2. 2023 में मध्य जिला पुलिस ने पांच लोगों को पकड़ा था, जिनमें तीन किशोर शामिल थे। यह गिरोह असली जैसे दिखने वाले फर्जी टिकट छापकर बेच रहा था। वे लोग 500 के टिकटों को एक से पांच हजार और वीआइपी पास 20 हजार में बेचते थे। सादी वर्दी में पुलिसकर्मियों ने आम नागरिक बनकर आरोपितों को दबोचा था।

    "दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) में कॉम्प्लीमेंट्री पासों के दुरुपयोग का मामला गंभीर है। मैने भी इस संबंध में सात अप्रैल को आईपी एस्टेट थाने में शिकायत की थी लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बीते दिनों मुझे भी जो कॉम्प्लीमेंट्री पास उपलब्ध कराए गए थे, उनमें से कुछ पहले इस्तेमाल किए जा चुके थे। यह मामला सामान्य लापरवाही नहीं बल्कि संगठित गड़बड़ी की ओर इशारा करता है, जिसमें अधिकारियों या फ्रेंचाइजी से जुड़े लोगों की मिलीभगत से इंकार नहीं किया जा सकता है। क्राइम ब्रांच अगर ठीक से जांच करे तो कॉम्प्लीमेंट्री पासों के दुरुपयोग से जुड़े पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है।"

    -आनंद वर्मा, डीडीसीए निदेशक

    यह भी पढ़ें- IPL टिकटों की कालाबाजारी में कई बड़ों का आ सकता है नाम, क्राइम ब्रांच को DDCA के कई अधिकारियों पर शक