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IRCTC पर 4 सेकेंड से कम समय में फॉर्म सबमिट करने पर ब्लॉक होगी User ID, AI ने 9.34 करोड़ ID पर की कार्रवाई

Published: Tue, 22 Sep 2026 04:44 PM (IST)Updated: Tue, 22 Sep 2026 05:06 PM (IST)

आईआरसीटीसी ने टिकट दलालों पर अंकुश लगाने के लिए एआई-आधारित निगरानी प्रणाली शुरू की है, जिससे 4 सेकंड से कम ...और पढ़ें

रेलवे प्रशासन के सामने इस समय भीड़ प्रबंधन के साथ-साथ अवैध रूप से टिकट बुक करने वाले दलालों के नेटवर्क को ध्वस्त करना सबसे बड़ी चुनौती है। प्रतीकात्मक तस्वीर

रेलवे प्रशासन के सामने इस समय भीड़ प्रबंधन के साथ-साथ अवैध रूप से टिकट बुक करने वाले दलालों के नेटवर्क को ध्वस्त करना सबसे बड़ी चुनौती है। प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. आईआरसीटीसी ने दलालों पर अंकुश लगाने को एआई प्रणाली शुरू की।

  2. 4 सेकंड से कम समय में फॉर्म सबमिट होने पर आईडी ब्लॉक।

  3. एक साल में 9.34 करोड़ यूजर आईडी निलंबित या निरस्त हुईं।

संतोष कुमार सिंह, नई दिल्ली। त्योहारों का मौसम शुरू होते ही टिकट दलाल सक्रिय हो जाते हैं। रेलवे प्रशासन के सामने इस समय भीड़ प्रबंधन के साथ-साथ अवैध रूप से टिकट बुक करने वाले दलालों के नेटवर्क को ध्वस्त करना सबसे बड़ी चुनौती है। 

इसे रोकने के लिए आईआरसीटीसी ने एआई आधारित निगरानी प्रणाली शुरू की है। इससे दलालों पर अंकुश लगाने में मदद तो मिली है, लेकिन लापरवाही करने पर आम यात्रियों का भी अकाउंट ब्लाॅक हो सकता है।

अवैध सॉफ्वेयर से पलभर में बुक कर देते हैं कन्फर्म टिकट

दलाल भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के ऑनलाइन प्लेटफाॅर्म पर फर्जी अकाउंट (यूजर आईडी) बनाकर और अवैध साॅफ्टवेयरों का उपयोग कर पलक झपकते ही कन्फर्म टिकट बुक कर लेते हैं।

अधिकारियों के अनुसार, दलाल ऑटोमेटेड साॅफ्टवेयर, डेटा स्क्रैपिंग और बोट्स तकनीक का उपयोग करते हैं। एक आम उपभोक्ता जब बुकिंग विंडो खुलने पर यात्री का नाम, उम्र और सीट वरीयता टाइप करता है।

वहीं, दलाल विंडो खुलने से पहले ही ग्राहकों का पूरा ब्योरा साॅफ्टवेयर में फीड कर देते हैं। बुकिंग शुरू होते ही एक सेकंड से भी कम समय में पूरा फाॅर्म ऑटो-सबमिट हो जाता है और कैप्चा भी अपने-आप दर्ज हो जाता है। यही कारण है कि बुकिंग खुलने के कुछ ही सेकंडों में सभी सीटें वेटिंग में चली जाती हैं।

क्यों ब्लॉक हो जाती है आईआरसीटीसी की यूजर आईडी?

अधिकारियों का कहना है कि किसी भी सामान्य यात्री को टिकट फाॅर्म भरने और भुगतान प्रक्रिया तक पहुंचने में कम से कम चार से पांच सेकंड का समय लगता है। यदि कोई आवेदन चार सेकेंड से कम समय में सबमिट होता है, तो एआई प्रणाली उसे मानव गतिविधि न मानकर साॅफ्टवेयर बोट चिह्नित करता है और तुरंत ब्लाॅक कर देता है।

एक साल में 9.34 करोड़ यूजर आईडी प्रभावित

कम समय के अंतराल पर बार-बार लाॅगिन और लाॅगआउट करने वाले अकाउंट को भी एआई संदिग्ध श्रेणी में डाल देता है। पिछले एक वर्ष में इस तरह की संदिग्ध गतिविधि के कारण 6.33 करोड़ यूजर आईडी को निलंबित और 3.04 करोड़ यूजर आईडी को निरस्त कर दिया गया है। 500 से अधिक साइबर अपराध के मामले दर्ज कराए गए हैं।

यूजर आईडी ब्लॉक होने से कैसे बचें?

इस व्यवस्था से दलालों पर अंकुश लगाने में मदद मिली है, परंतु आम यात्रियों को भी सचेत रहने की आवश्यकता है। यदि वह जल्दी टिकट बुकिंग करने के लिए काॅपी पेस्ट या ऑटो फिल टूल्स का उपयोग करते हैं या बार-बार लाॅगिन करते हैं तो कुछ समय के लिए या हमेशा के लिए अकाउंट ब्लाॅक हो सकता है।