Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    ISI का नया निशाना... पंजाब के युवा बन रहे जासूसी नेटवर्क का हिस्सा, अब ऐसे दबोच रही दिल्ली पुलिस

    Updated: Sun, 12 Apr 2026 05:17 PM (IST)

    पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI पंजाब के युवाओं को पैसों का लालच देकर जासूसी करवा रही है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। ...और पढ़ें

    पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI पंजाब के युवाओं को पैसों का लालच देकर जासूसी करवा रही है। इमेज एआई

    पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI पंजाब के युवाओं को पैसों का लालच देकर जासूसी करवा रही है। इमेज एआई

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    राकेश कुमार सिंह, नई दिल्ली। पाकिस्तानी सीमा से सटे पंजाब के रहने वाले युवा, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के लिए सबसे अधिक जासूसी करने का काम कर रहे हैं। आइएसआइ का सबसे साफ्ट टारगेट पंजाब के युवा बन रहे हैं। आइएसआइ उन्हें पैसों कर लालच देकर अपने लिए जासूसी करवा रही है।

    चंद पैसों के लिए देश के खिलाफ गद्दारी

    पैसे के लिए युवा देश के खिलाफ गद्दारी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। बीते दिनों स्पेशल सेल द्वारा आइएसआइ के लिए जासूसी करने के आरोप में पंजाब और दिल्ली से गिरफ्तार किए गए 11 आरोपितों में नौ, पंजाब के ही विभिन्न इलाके के रहने वाले हैं, जिनसे पूछताछ में सीमा से सटे पंजाब के तरनतारन, फाजिल्का, बठिंडा व फिराेजपुर आदि इलाके में रहने वाले आठ से दस और जासूसों के बारे में सेल को जानकारी मिली है, उनके भी लंबे समय से आइएसआइ से जुड़े होने का पता चला है।

    पकड़ने के लिए टीमें करीब माह से पंजाब में डटी

    उन्हें पकड़ने के लिए सेल की टीमें करीब माह से पंजाब में डटी हुई है। आइएसआइ, पंजाब के प्रतिबंधित आतंकी संगठन, बब्बर खालसा इंटरनेशनल के सहयोग से पंजाब के युवाओं से अपने से जोड़कर जासूसी करवा रही है। इंटरनेट मीडिया के जरिये आइएसआइ से ऐसे युवा जुड़ रहे हैं जो नशे के आदी होते हैं।

    दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी का कहना है कि आइएसआइ, बीकेआइ व इंटरनेट मीडिया के जरिये देश भर के युवाओं को जोड़कर उनसे जासूसी करवाने में जुटी हुई है।

    जासूसों पर पहले किसी का ध्यान नहीं जाता था लेकिन बीते माह गाजियाबाद पुलिस द्वारा आइएसआइ के लिए जासूसी करने के आरोप में 21 आरोपितों को गिरफ्तार करने व उनसे पूछताछ में देश के रेलवे स्टेशनों, सैन्य ठिकानें व संवेदनशील जगहों पर सोलर सीसीटीवी कैमरे लगाकर उनके लाइव फीड पाकिस्तान को भेजने की बात सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए, जिसके बाद कई एजेंसियों ने इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया।

    खबरें और भी

    जिन 11 आरोपितों में गिरफ्तार किया है उनमें आठ को सेल की टीम ने करीब तीन हफ्ता पहले और शेष तीन को बीते 29 मार्च को गिरफ्तार किया था।

    जांच से पता चला है कि इंटरनेट मीडिया या बीकेआइ के जरिये युवाओं को अपने से जोड़ने के बाद आइएसआइ के हैंडलर रात के समय ड्रोन के जरिये अपनी सीमा से सटे पंजाब के विभिन्न इलाकों में विदेशी हथियार गिरा देते थे और उक्त हथियार को बेचकर इकट्ठा किए गए पैसे से हैंडलर, युवाओं को सोलर सीसीटीवी कैमरे खरीदने व आपस में पैसे बांट लेने का हुक्म देता था।

    पहले ऑपरेशन में सेल ने छह आरोपित को गिरफ्तार किया था, जिनमें मनप्रीत, पंजाब के तरनतारन का रहने वाला है। वह इस माड्यूल का मास्टरमाइंड है जो आइएसआइ हैंडलर के सीधे संपर्क में था। अनमोल, फिरोजपुर का रहने वाला है। साहिल, पंजाब फिरोजपुर, अतुल राठी , रोहिणी, रोहित, रोहिणी व अजय, दिल्ली का रहने वाला है।

    दूसरे ऑपरेशन में सेल ने जिन पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया उनमें गुरजीत सिंह, कपूरथला, रिम्पलदीप, फाजिल्का, सलविंदर सिंह, फाजिल्का, हरप्रीत सिंह, मोगा, बूटा सिंह, फाजिल्का का रहने वाला है।

    इस मॉड्यूल की निशानदेही पर नौ सोलर सीसीटीवी कैमरे बरामद किए गए जिनमें नौ में सिमकार्ड लगाकर पाकिस्तान लाइव फीड भेजी जा रही थी। ये कैमरे कपूरथला, जालंधर, पठानकोट, पटियाला, मोगा, अंबाला, कठुआ, बीकानेर व अलवर आदि शहरों के संवेदनशील इलाके में लगाए गए थे।

    आरोपितों के प्रोफाइल

    1. मनप्रीत सिंह- बीसीए है, इनक्रिप्टेड एप के जरिए आइएसआइ हैंडलर्स के संपर्क में आया था। इसे ड्रोन से गिराए गए अवैध विदेशी हथियार रिसीव करने, डिलीवर देने व सिमकार्ड अरेंज करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

    2. अनमोल - दसवीं पास, वाल पेपर पेस्टिंग का काम करता था, इनक्रिप्टेड एप के जरिए पाक हैंडलर्स के संपर्क में आया था, साहिल के जरिए पंजाब के डिफेंस इलाके में संवेदशील जगहों पर सोलर सीसीटीवी कैमरे इंस्टाल किया था।

    3.साहिल - 12वी पास है अनमोल के साथ मिलकर सीसीटीवी कैमरे इंस्टाल किया था

    4. अतुल राठी - न्यूजीलैंड ने एमबीए की पढ़ाई कर 2004 में भारत लौटा, इनक्रिप्टेड एप से पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में आया, चार विदेशी पिस्टल रिसीव की थी।

    5. रोहित - एमबीए, अतुल राठी के साथ पंजाब से हथियारों की तस्करी करता था

    6. अजय - हथियार की तस्करी करता था

    7. गुरजीत सिंह - आर्मी कैंट इलाके की तस्वीरें व वीडियो पाक हैंडलर्स को भेजता था

    8. रिमल्दीप सिंह - आर्मी, बीएसएफ की लोकेशन फोटो पाक हैंडलर्स को भेजता था।

    9. हरप्रति सिंह - ड्रग्स तस्करी, पाक हैंडलर्स को सेना के मूवमेंट के बारे में जानकारी देता था

    10. सलविंदर सिंह - रिमल्दीप के साथ मिलकर संवेशनशील इलाको की फोटो व वीडियो पाकिस्तान भेजता था

    11. बूटा सिंह - बीएसएफ, आर्मी कंटोंमेंट इलाको की फोटो व, वीडियो पाक हैंडलर्स को भेजता था।

    यह भी पढ़ें: अब दिल्ली में अलग अंदाज में दिखेंगी ब्लू लाइन की मेट्रो, यात्रियों को मिलेंगी पहले से ज्यादा सुविधाएं