जामिया में तनाव: कांग्रेसी सांसदों पर छात्रों को भड़काने का आरोप, आज दर्ज होगी एफआईआर
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शन के बीच दीवारों पर देश विरोधी नारे लिखे जाने से तनाव बढ़ गया है।

जामिया में तनाव ( एआई जेनरेटेड इमेज )
HighLights
दीवारों पर 'फ्री कश्मीर' जैसे देश विरोधी नारे मिले।
कांग्रेसी सांसदों पर छात्रों को भड़काने का आरोप लगा।
छात्रसंघ बहाली की मांग पर भूख हड़ताल जारी है।
जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शन के बीच दीवारों पर देश विरोधी नारे लिखे जाने से परिसर में तनाव बढ़ गया है।
दीवारों पर ‘फ्री कश्मीर’, ‘फ्री शरजील इमाम’ और सेना को लेकर आपत्तिजनक नारे लिखे पाए गए थे। इसकी कड़ी निंदा करते हुए विश्वविद्यालय ने नए सिरे से पेंट करा दिए। लेकिन, शनिवार को छात्रों व सुरक्षा गार्डों के बीच झड़प ने फिर से टेंशन बढ़ा दी है।
पुलिस शुरू कर सकती है कानूनी कार्रवाई
कांग्रेसी सांसदों इमरान मसूद और इमरान प्रतापगढ़ी पर जबरन परिसर में घुसने व छात्रों को भड़काकर माहौल खराब करने की कोशिश का आरोप लगाते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने जामिया नगर थाने में शिकायत दी है।
पुलिस रविवार को एफआइआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर सकती है। इधर, गेट नंबर सात पर 'गालिब स्टेच्यू लान' में छात्रों की भूख हड़ताल 14वे दिन भी जारी है।
प्रदर्शन करने वाले छात्रों का आरोप है कि शनिवार को सैकड़ों शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक कर्मचारी और प्रशासनिक अधिकारी बातचीत के लिए पहुंचे। इस दौरान प्रशासन ने उनकी मुख्य मांगों पर सहमति नहीं दी।
प्रशासन ने दिया मौखिक आश्वासन
प्रशासन ने मौखिक आश्वासन दिया कि संविधान का मसौदा तैयार होने के बाद चुनाव की अधिसूचना जारी होगी। लेकिन, चुनाव के लिए समय-सीमा तय करने को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
छात्रों के मुताबिक, उच्च स्तरीय समिति, रजिस्ट्रार और अन्य अधिकारियों के साथ कई बैठकों में उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया और भूख हड़ताल खत्म करने का दबाव बनाया गया। छात्रों का कहना था कि मांगों पर लिखित समाधान मिलने तक वे हड़ताल जारी रखेंगे।
