जंतर-मंतर हिंसा : एमएलसी रिपोर्ट में प्रदर्शनकारी को गोली लगने की पुष्टि नहीं
जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी को गोली लगने का दावा मेडिकल जांच में गलत पाया गया है। एमएलसी रिपोर्ट के अनुसार, घायल को ...और पढ़ें

एमएलसी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से जंतर-मंतर हिंसा में गोली लगने का कोई उल्लेख नहीं।
HighLights
जंतर-मंतर प्रदर्शन में गोली लगने का दावा गलत।
मेडिकल रिपोर्ट ने नुकीली वस्तु से चोट बताई।
पुलिस ने अफवाहों से बचने की सलाह दी।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। जंतर-मंतर के पास 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी को गोली लगने का इंटरनेट मीडिया पर किया गया दावा मेडिकल जांच में सही नहीं पाया गया है। मेडिको-लीगल केस (एमएलसी) की रिपोर्ट के अनुसार, घायल प्रदर्शनकारी को गोली नहीं लगी थी।
एमएलसी रिकार्ड में उल्लेख है कि प्रदर्शनकारी के दाहिने कान के ट्रैगस के सामने एक कटा-फटा घाव मिला है। चिकित्सकों ने चोट की प्रकृति किसी नुकीली वस्तु से लगी साधारण चोट बताई है। मेडिकल जांच में शरीर पर ऐसी कोई चोट या साक्ष्य नहीं मिले, जिनसे गोली लगने की पुष्टि हो सके।
एमएलसी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से गोली लगने का कोई उल्लेख नहीं
डॉक्टरों के मुताबिक, घायल को आई चोट मामूली है और उसकी स्थिति सामान्य रही। एमएलसी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से गोली लगने का कोई उल्लेख नहीं किया गया है।
जंतर-मंतर हिंसा के बाद इंटरनेट मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर यह दावा तेजी से प्रसारित हुआ था कि प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति को गोली लगी है। हालांकि, अब मेडिकल रिपोर्ट सामने आने के बाद यह दावा पुष्ट नहीं हो सका है।
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पुलिस अधिकारियों ने बताया कि किसी भी घटना से जुड़ी जानकारी साझा करने से पहले आधिकारिक तथ्यों और जांच रिपोर्ट का इंतजार करें, ताकि अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं से बचा जा सके।
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