जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ जांच पैनल में बदलाव, कैश कांड मामले में होगी आरोपों की जांच
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का पुनर्गठन किया है। पिछले साल मार्च में उनके आवास से ज ...और पढ़ें

जस्टिस यशवंत वर्मा (फाइल फोटो)
HighLights
जस्टिस यशवंत वर्मा जांच समिति का लोकसभा अध्यक्ष ने पुनर्गठन किया
जले हुए नोट बरामदगी मामले में आरोपों की जांच होगी
नई समिति में जस्टिस अरविंद कुमार और श्री चंद्रशेखर शामिल
पीटीआई, नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति का पुनर्गठन किया। उल्लेखनीय है जस्टिस वर्मा के निवास से गत वर्ष मार्च में जले हुए नकद नोट बरामद हुए थे।
अध्यक्ष ने पिछले वर्ष 12 अगस्त को इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज के निष्कासन के लिए एक बहु-दलीय नोटिस स्वीकार करने के बाद जांच के लिए समिति का गठन किया था।
लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह द्वारा जारी एक अधिसूचना में कहा गया कि ''सूचना में आंशिक संशोधन के अनुसार लोकसभा अध्यक्ष ने छह मार्च, 2026 से प्रभावी जस्टिस यशवंत वर्मा के निष्कासन के लिए जांच करने के उद्देश्य से निम्नलिखित तीन सदस्यों की समिति का पुनर्गठन किया है।
पुनर्गठित समिति में सुप्रीम कोट के जस्टिस अरविंद कुमार, बांबे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर, और कर्नाटक हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता बीवी आचार्य शामिल किए गए हैं। जहां जस्टिस कुमार और आचार्य पिछली समिति के सदस्य थे, वहीं जस्टिस चंद्रशेखर नए सदस्य हैं। उन्होंने मद्रास हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव की जगह ली है।