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'गन्ने से इथेनॉल बनाने के फैसले से बढ़ी चीनी की कीमतें', केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

Published: Thu, 20 Aug 2026 08:03 PM (IST)

अरविंद केजरीवाल ने चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी के लिए केंद्र सरकार की इथेनॉल नीति को जिम्मेदार ठहराया, कहा कि ...और पढ़ें

आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल।

आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल।

HighLights

  1. केजरीवाल ने चीनी मूल्य वृद्धि के लिए इथेनॉल नीति को दोषी ठहराया।

  2. गन्ने से इथेनॉल बनाने से चीनी उत्पादन घटा, दाम बढ़े।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देशभर में चीनी की कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी के लिए केंद्र सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। गुरुवार को जारी एक वीडियो में उन्होंने कहा कि गन्ने से इथेनॉल बनाने के फैसले ने चीनी उत्पादन को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिसके चलते महज 17 दिनों में चीनी के दाम 20 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गए हैं।

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि सरकार इथेनॉल को पेट्रोल में मिलाकर विदेशी मुद्रा बचाने का दावा कर रही थी। उनका कहना था कि तेल आयात पर खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा बचाने के लिए गन्ने की खेती को इथेनॉल उत्पादन की ओर मोड़ दिया गया। लेकिन नतीजा उलटा निकला।

गन्ने की कमी से चीनी का उत्पादन घटा: केजरीवाल

उन्होंने कहा कि गन्ने की कमी से चीनी का उत्पादन घटा और अब वही विदेशी मुद्रा चीनी आयात करने पर खर्च करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा, “हमारा देश चीनी एक्सपोर्ट करता था, अब इंपोर्ट की प्लानिंग कर रहा है। ये सरकार है या मजाक? पूरी की पूरी अनपढ़ों की सरकार है।”

उन्होंने बताया कि 17 दिन पहले चीनी 46 रुपये प्रति किलो मिल रही थी, जो अब बढ़कर 65 रुपये प्रति किलो हो गई है। केजरीवाल ने सवाल उठाया कि जब गन्ने को इथेनॉल के लिए डाइवर्ट किया जा रहा था, तब क्या सरकार ने यह नहीं सोचा कि चीनी कहां से आएगी? उन्होंने इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर भी निशाना साधा और कहा कि इससे लोगों की गाड़ियां खराब हो रही हैं तथा माइलेज गिर रही है। वहीं आम लोगों को महंगी चीनी खरीदनी पड़ रही है।

मोदी सरकार के पिछले फैसले पर केजरीवाल ने कसा तंज

केजरीवाल ने कहा कि सरकार के जितने भी बड़े फैसले रहे, उनका कोई फायदा आम लोगों को नहीं मिला। उन्होंने विपक्षी अंदाज में टिप्पणी की कि कसूर जनता का भी है, जिसने ऐसे लोगों को वोट देकर सत्ता में बिठाया जिन्हें शासन चलाने की अक्ल नहीं है। नतीजतन आम आदमी ही दुखी हो रहा है।

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