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दिल्ली में मणिपुरी संगीतकार की हत्या में बड़ा खुलासा, 500 पन्नों की चार्जशीट में साजिश का पर्दाफाश

Published: Mon, 19 Oct 2026 11:14 PM (IST)

दक्षिणी दिल्ली के किलोकरी में मणिपुरी संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की हत्या को पुलिस ने साजिश करार दिया है। चार्जशीट ...और पढ़ें

मणिपुरी संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। फोटो: आर्काइव

मणिपुरी संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। फोटो: आर्काइव

HighLights

  1. मणिपुरी संगीतकार की हत्या को पुलिस ने साजिश माना।

  2. चार्जशीट में आपराधिक साजिश और सामूहिक हत्या की धाराएं।

  3. शोर-शराबे को लेकर विवाद में हुई थी निर्मम पिटाई।

जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। किलोकरी क्षेत्र में 54 वर्षीय मणिपुरी संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की पीट-पीटकर हत्या करने का मामला दुर्घटना नहीं बल्कि साजिश थी।

ढाबे पर शोर-शराबे को लेकर बार-बार टोकने और पुलिस में शिकायत की धमकी मिलने पर आरोपियों ने साजिश रची।

सनलाइट कॉलोनी थाना पुलिस की ओर से साकेत कोर्ट में दाखिल 500 पन्नों की चार्जशीट में सातों आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश रचने, सामूहिक रूप से मिलकर हत्या करने और अपराध की मंशा से किसी की संपत्ति में घुसने जैसी धाराएं जोड़ी गई हैं।

शोर-शराबे पर टोकने से रची साजिश

पुलिस ने हत्या मामले में ढाबा कर्मी भरत कुमार (जीवन नगर), प्रमोद (भगवान नगर), रमजान खान (सनलाइट कॉलोनी-एक), दीपांशु (अमर कॉलोनी), मोहन कुमार (सैनी ढाबा) व विजय (किलोकरी) एवं डिलीवरी ब्वॉय मन्नू (किलोकरी) को गिरफ्तार किया था।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया था कि वे चोंगथम विक्रम सिंह को सिर्फ सबक सिखाना चाहते थे और उन्हें उम्मीद नहीं थी कि हमला घातक साबित होगा।

उस समय बेटे की शिकायत पर बीएनएस की धारा 103(2) (पांच या उससे अधिक लोगों के समूह द्वारा हत्या) के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।

वहीं मामले की जांच और पूछताछ के बाद चार्जशीट में आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 61 (आपराधिक साजिश), 103(1) और धारा 332(ए) (अपराध करने के इरादे से कहीं घुसना) भी जोड़ी गई है।

इमारत की तीसरी मंजिल तक पीछा

चोंगथम विक्रम सिंह परिवार के साथ किलोकरी गांव में स्थित बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर परिवार के साथ रहते थे। वह मूल रूप से मणिपुर के रहने वाले थे और मैतेई समुदाय से थे।

दिल्ली एक संस्थान के लिए बतौर संगीतकार काम करते थे। छह सितंबर की रात घर के बाहर कुछ डिलीवरी ब्वॉय और ढाबा कर्मचारी शोर-शराबा कर रहे थे।

लगातार हो रहे हंगामे से परेशान होकर विक्रम सिंह नीचे आए और उन्हें शांत रहने के लिए कहा। इसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। आरोपी उन पर टूट पड़े। वे जान बचाने की गुहार लगाते रहे, पर मदद के लिए कोई आगे नहीं आया।

किसी तरह आरोपियों के चंगुल से छूटने के बाद वे घर की तरफ भागे। पीछा करते हुए आरोपी भी बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर उनके घर तक आए। इससे पहले कि घर के सदस्य दरवाजा खोल पाते, सभी उन पर टूट पड़े।

उन्हें लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। बेटा उन्हें होली फैमिली अस्पताल लेकर पहुंचा, पर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

एम्स की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक छाती और पेट पर गंभीर चोट आई थीं। कई पसलियां टूटने और तिल्ली फटने से अंदरूनी अंगों में अधिक रक्तस्त्राव होने से मौत हुई थी।

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