दिल्ली में रेलवे ट्रैक के किनारे अब नहीं दिखेगा कचरा, एमसीडी करेगी नियमित सफाई
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर एमसीडी ने दिल्ली में 123 किलोमीटर लंबी रेल पटरियों के किनारे सफाई अभियान शुरू किया है। कुल 15,000 मीट्रिक टन क ...और पढ़ें
-1773607146456_m.webp)
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देश के बाद एमसीडी को सफाई करनी है। जागरण
HighLights
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर सफाई अभियान शुरू।
दिल्ली की 123 किमी रेल पटरियों से कचरा हटेगा।
नियमित सफाई हेतु निजी एजेंसी की नियुक्ति होगी।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर रेल की पटरियों के किनारे एमसीडी ने सफाई शुरू कर दी है। दिल्ली 123 किलोमीटर लंबी लाइनों के पास से करीब 15 हजार मीट्रिक टन जमा कचरे को साफ किया जाना है। जिसमें से एमसीडी ने पांच हजार मीट्रिक टन कचरा साफ कर दिया है।
एमसीडी के अनुसार रेलवे लाइन के समीप क्षेत्र को कचरा मुक्त बनाने के लिए ठोस कार्य योजना पर काम करना शुरू किया है। इसके तहत पुराने कचरे को साफ करने के बाद नियमित सफाई के लिए प्राइवेट एजेंसी की नियुक्ति की जाएगी।
एमसीडी आयुक्त संजीव खिरवार ने कहा कि रेलवे ट्रैक की लंबाई, सुरक्षा और कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए हमने रेलवे ट्रैक के आसपास पड़े इस पुराने कचरे को हटाने के लिए एक व्यापक योजना तैयार की है।
भविष्य में अलग-अलग अंतराल पर विशेष हस्तक्षेप की जरुरत न हो इसलिए यहां नियमित सफाई होगी। इसके विशेष तौर पर सफाई करने वाले एजेंसी की नियुक्ति भी की जाएगी। जिसके लिए निविदा आमंत्रित कर दी गई है।
आयुक्त के अनुसार जब तक की एजेंसी की नियुक्ति नहीं हो जाती है तब तक 12 जोन में रेलवे ट्रेक के आस-पास जमा को हटाने के लिए एमसीडी ने 145 वाहनों को तैनात किया है। साथ ही 800 कर्मचारियों को इसके लिए विशेष तौर पर तैनात किया है।
निगम के अनुसार दिल्ली में रेलवे ट्रैक पर भारी मात्रा में रेल यातायात चलता है। इसलिए ट्रैक के आसपास सफाई कार्य के दौरान रेलवे से ब्लाक लेना आवश्यक होता है। कई स्थानों पर ऐसे क्षेत्र भी हैं जहां एमसीडी के वाहन नहीं पहुंच पाते। ऐसे दुर्गम स्थानों से कचरा हटाने के लिए एमसीडी रेलवे प्रशासन से सहयोग लेकर आवश्यक पहुंच सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है।
एमसीडी अधिकारी ने आगे बताया कि हमने अगले दस दिन में लक्ष्य लेकर रेलवे ट्रेक के आस-पास से सभी पुराने कचरे को हटा दिया जाएगा। इसके बाद यहां पर नियमित सफाई के लिए एजेंसी नियुक्त कर दी जाएगी।
अधिकारी ने बताया कि इस अभियान जन प्रतिनिधियों को भी शामिल करेगी। ताकि रेलवे ट्रेक के आस-पास रहने वाली कालोनियों के नागरिकों को भी स्वच्छता के प्रति जागरुक किया जा सके।