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    सैदुलाजाब हादसा: 6 मौतों के बाद जागी MCD, इलाके की 42 अवैध इमारतों पर होगी सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई

    Updated: Tue, 02 Jun 2026 08:24 PM (IST)

    सैदुलाजाब में इमारत गिरने से हुई मौतों के बाद एमसीडी ने अवैध निर्माणों पर कार्रवाई तेज कर दी है। इलाके में चिह्नित 42 लंबित मामलों पर सीलिंग या ध्वस्त ...और पढ़ें

    सैदुलाजाब में इमारत गिरने से हुई मौतों के बाद एमसीडी ने अवैध निर्माणों पर कार्रवाई तेज कर दी है।

    सैदुलाजाब में इमारत गिरने से हुई मौतों के बाद एमसीडी ने अवैध निर्माणों पर कार्रवाई तेज कर दी है।

    HighLights

    1. सैदुलाजाब इमारत हादसे के बाद एमसीडी सक्रिय हुई।

    2. इलाके में 42 लंबित अवैध निर्माणों पर कार्रवाई होगी।

    3. खिड़की एक्सटेंशन जैसे क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलेगा।

    निहाल सिंह, नई दिल्ली। सैदुलाजाब में पांच मंजिला इमारत गिरने के बाद हुई छह लोगों की मौत में हुई किरकिरी के बाद एमसीडी ने इलाके में अवैध निर्माण पर कार्रवाई तेज करने की बात कही है। इलाके में चिह्नित 42 मामलों पर कार्रवाई होगी। इसमें जो मामले सीलिंग की जरुरत हैं सीलिंग होगी और अगर ध्वस्त करने की जरुरत हैं तो निर्माण को ध्वस्त किया जाएगा।

    इतना ही नहीं इलाके में खिड़की एक्सटेंशन समेत दूसरे इलाके जहां अवैध निर्माण की ज्यादा संभावना रहती है वहां सघनता से जांच अभियान चलेगा। ऐसे इलाकों के लिए सर्वे की टीम बना दी गई है जो अवैध निर्माण को चिन्हित करेगी और फिर कार्रवाई की जाएगी।

    एमसीडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इलाके में छह लोगों को सीलिंग का नोटिस सोमवार को दिया गया था। इन लोगों क 72 घंटे के भीतर संपत्ति खाली करनी है। इसमें दो और संपत्तियों पर सीलिंग के लिए नोटिस दिया गया है। अधिकारी ने आगे बताया कि इलाके में अवैध निर्माण के लिए चिन्हित सभी इमारतों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

    सूत्रों ने बताया कि इलाके में 81 इमारतों को अवैध निर्माण के लिए चिह्नित किया गया था। इसमें 42 पर कार्रवाई शेष हैं। इन लंबित मामलों को निपटाने के लिए जहां पर नियमानुसार सीलिंग का नोटिस देने की जरुरत है सीलिंग का नोटिस दिया जाएगा।

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    जहां पर अवैध निर्माण को गिराना है वहां उसे गिराने का काम किया जाएगा। सूत्रों ने आगे बताया कि इलाके में अवैध निर्माण की ज्यादा संभावना रहती है वहां पर जोनल टीम बनाकर सर्वे किया जा रहा है। मंगलवार को खिड़की एक्सटेंशन इलाके में सर्वे किया गया है। इसके बाद दूसरे इलाकों में वार्डनुसार सर्वे करके कार्रवाई की जाएगी।

    झुकी हुई इमारत में लैपटाप और जरूरी सामान निकालने की फिलहाल नहीं मिलेगी अनुमति

    एमसीडी ने इलाके घटनास्थल के साथ मौजूद उस इमारत से कोई भी सामान निकालने की अनुमति न देने का निर्णय लिया हैं जहां पर छात्रों ने अपनी जरुरी वस्तुएं होने की बात कही है। अधिकारियों का कहना है कि चूंकि इमारत खतरनाक हैं। ऐसे में किसी की जान को खतरे में डालकर सामान निकालने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।

    अधिकारी ने बताया कि अभी हमारी कोशिश मलबा हटाने की है साथ ही यह भी देखना है कि और कोई जान माल का नुकसान न हो। इसलिए इसी इमारत में बेसमेंट में मौजूद गाड़ियों को भी हटाने के लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखा गया है। ताकि जिला आपदा प्रबंधन समिति इस आगे की कार्रवाई कर सके।

    एमसीडी ने कहा कि 12-13 साल पहले हुआ था

    एमसीडी उपायुक्त ने निगमायुक्त को घटना की रिपोर्ट सौंप दी है। इस घटना में एमसीडी ने बताया कि जो इमारत गिरी ने हैं 300 वर्ग मीटर की है।भवन में बेसमेंट, भूतल, प्रथम एवं द्वितीय तल का निर्माण लगभग 12-13 वर्ष पूर्व किया गया था। जबकि तृतीय एवं चतुर्थ तल का निर्माण हाल के वर्षों में किया गया था। यह भवन एक अनधिकृत कालोनी में स्थित है, जो नियमितीकरण हेतु चिन्हित 1511 कालोनियों में शामिल नहीं है।

    निगम के अनुसार घटना की जानकारी मिलते ही तुरंत अधिकारी पहुंच गए थे लेकिन पुलिस की घेराबंदी के बाद साढ़े आठ बजे पहुंचे अधिकारियों अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। करीब 10.30 बजे अंदर जाने की अनुमति मिली। इसके बाद एमसीडी ने दूसरी एजेंसियों के साथ समन्वय करके राहत बचाव कार्य शुरू किया।

    यहां पर तीन बुलडोजर, दो पोकलन, तीन हाइड्रा मशीनों के साथ गैस कटर, न्यूमेटिक हैमर, स्कैफोल्डिंग सामग्री, जैक, गर्डर तथा साथ भवनों की सुरक्षा के लिए उपयोग किया गया।