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    दिल्ली-एनसीआर से मेवात तक मोबाइल तस्करी का फैला जाल, विदेशों में भी धड़ल्ले से चलाए जा रहे चुराए गए फोन

    Updated: Wed, 24 Dec 2025 08:06 PM (IST)

    दिल्ली-एनसीआर से मेवात तक मोबाइल तस्करी का जाल फैला हुआ है, जिसमें चुराए गए फोन विदेशों में भी चलाए जा रहे हैं। यह संगठित अपराध दिल्ली और आस-पास के क् ...और पढ़ें

    Mobile ban in School
    Mobile ban in School

    HighLights

    1. दिल्ली-एनसीआर से मेवात तक फैला तस्करी का जाल

    2. चुराए गए फोन विदेशों में भी धड़ल्ले से चलाए जा रहे

    3. पुलिस कर रही मामले की गहन जांच, एजेंसियां भी जुटीं

    सुधीर बैसला, दक्षिणी दिल्ली। दिल्ली में चोरी या छीने जा रहे फोन बड़ी संख्या में हरियाणा के मेवात, पड़ोसी देश नेपाल, बांग्लादेश और पाकिस्तान में बेचे जा रहे हैं। अलफलाह यूनिवर्सिटी आतंकी प्रकरण और लालकिला बम ब्लास्ट घटना की जांच के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआईए) की साइबर विंग को यह नया इनपुट मिला है।

    सरगनाओं पर पैनी निगाह रखी जा रही

    एनआईए ने दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रेटेजिक ऑपरेशन (इफसो) को इस बात से अवगत कराया है। इफसो चौकन्ना है और अब मोबाइल ट्रैफिकिंग (चोरी या बाजार में बेचे गए फोन की तस्करी) सरगनाओं पर पैनी निगाह रखी जा रही हैं। इफसो दिल्ली पुलिस की विशेष साइबर विंग हैं, जिसे डीसीपी स्तर के अधिकारी लीड करते हैं।

    आखिर क्यों दूसरे देशों में मोबाइल हो रहे इस्तेमाल?

    सूत्रों के मुताबिक दिल्ली व एनसीआर में जहां मोबाइल फोन चोरी या छीने जा रहे हैं, उसका एक बड़ा हिस्सा दिल्ली तिलक नगर व रमेश नगर मार्केट में बिक रहा है। यहां से आगे ये फोन पड़ोसी देश नेपाल के रास्ते पाकिस्तान तक पहुंच रहे हैं। यही नहीं नेपाल, बांग्लादेश में भी इनका उपयोग किया जा रहा है। दूसरे देश में मोबाइल फोन चले जाने पर साइबर व सुरक्षा एजेंसियां उन्हें अंतर्राष्ट्रीय मोबाइल उपकरण पहचान (आईएमईआई) के मार्फत भी ट्रेस नहीं कर पाती है क्योंकि दूसरे देश की सेलुलर कंपनियां भारत को उनमें इस्तेमाल हो रहे सिम की जानकारी उपलब्ध नहीं कराती है।

    भारत में भी दूसरे देशों से चोरी-छीने फोन पहुंच रहे

    यही कारण है कि आतंकी या संगठित अंतर्राष्ट्रीय अपराध गिरोह के सदस्य ऐसे मोबाइल फोन का प्रयोग सिम बदलकर लगातार करते हैं। इफसो में तैनात रहे एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जिस तरह भारत से दूसरे देशों में मोबाइल फोन की तस्करी हो रही है, ठीक उसी तरह भारत में दूसरे देशों में चोरी-छीने फोन पहुंच रहे हैं। भारत में आ रहे ये फोन सुरक्षा एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती भी है।

    खबरें और भी

    बता दें कि एनआईए 10 नवंबर को लालकिला के समीप हुए बम विस्फोट की घटना और इसमें संलिप्त आतंकियों के अलफलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े होने की जांच में जुटी है। जांच के दायरे में स्लीपर सेल भी हैं, जिनके जरिए आतंकी अपने मकसद को पूरा करने में जुटे थे।

    चोरी के मोबाइल धड़लले से यूज हो रहे

    सूत्रों के मुताबिक, एनआईए को इनपुट मिला है कि स्लीपर सेल के कई सदस्य दिल्ली, यूपी, हरियाणा में फर्जी सिम लेकर चुराए या छीने फोनों का प्रयोग कर रहे हैं। इसीलिए उन्हें ट्रेस करना बड़ा आसान काम नहीं है। मेवात में करीब 225 से ज्यादा ऐसे फोन चालू हैं, जिनमें करीब 13 से ज्यादा फोन दक्षिणी पूर्वी दिल्ली जोन के भी शामिल हैं। दिल्ली पुलिस का आंकड़ा कहता है कि वर्ष 2023 में 5873 फोन चोरी/छीने गए। 2024 में थोड़ा कम होकर 4749 फोन चोरी/छीने और 2025 में अभी तक 3991 फोन चोरी/छीने जा चुके हैं।