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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Delhi Coaching Incident: मृतकों के परिजनों को मिले दो-दो करोड़ रुपये, साथ ही सरकारी नौकरी- प्रदर्शनकारियों की मांग

    Updated: Tue, 30 Jul 2024 04:45 PM (IST)

    Delhi Coaching Incident दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में हुए हादसे में तीन IAS अभ्यर्थियों की मौत के बाद छात्रों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा ...और पढ़ें

    Old Rajendra Nagar Incident : मुखर्जी नगर में भी युवाओं ने किया जोरदार प्रदर्शन। फाइल फोटो
    Old Rajendra Nagar Incident : मुखर्जी नगर में भी युवाओं ने किया जोरदार प्रदर्शन। फाइल फोटो

    HighLights

    1. हादसे में जान गंवाने वाले तीन साथियों को श्रद्धांजलि देते हुए निकाला कैंडल मार्च।
    2. दो-दो करोड़ रुपये मुआवजा और स्वजन को एक-एक सरकारी नौकरी की मांग।

    जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली। राजेंद्र नगर हादसा, सुरक्षा के नियमों को ताख पर रखकर चल रहे कोचिंग सेंटर के खिलाफ कार्रवाई की मांग और सीलिंग के बाद अपने कैरियर-पढ़ाई को लेकर चिंतित विद्यार्थियों ने मुखर्जी नगर में सोमवार देर रात तक प्रदर्शन किया।

    कई मार्गों निकाला जुलूस, किया प्रदर्शन

    देर रात चार-पांच सौ विद्यार्थियों का हुजूम सड़क पर उतर आया। विभिन्न मार्गों से जुलूस निकाला व प्रदर्शन किया। पुलिस देर रात तक छात्रों को मनाने का प्रयास करती रही। सोमवार रात करीब सात बजे नेहरू विहार के सैंट्रल पार्क में छात्र-छात्राएं इक्ट्ठा हुईं और राजेंद्र नगर में हादसे में जान गंवाने वाले अपने तीन साथियों को श्रद्धांजलि देते हुए यहां से कैंडल मार्च शुरू हुआ।

    युवा वर्धमान मॉल से होते हुए सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट चौक पर पहुंचे। यहां कैंडल मार्च प्रदर्शन में बदल गया। प्रदर्शन में शामिल प्रतापगढ़ (उत्तर प्रदेश) से यहां यूपीएससी की तैयारी करने आए आदित्य ने बताया कि उनकी मांग है कि राजेंद्र नगर हादसे में जान गंवाने वाले छात्र-छात्राओं को दो-दो करोड़ रुपये मुआवजा और स्वजन को एक-एक सरकारी नौकरी दी जाए।

    सेंटर संचालकों को विद्यार्थियों की सुरक्षा की जरा भी चिंता-प्रांजल 

    प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कोचिंग सेंटर में बच्चों की सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध होने चाहिए। यूपीएससी की तैयारी के लिए प्रयागराज से मुखर्जी नगर आए प्रांजल द्विवेदी ने बताया कि मोटी फीस लेकर भी ज्यादातर कोचिंग सेंटर संचालकों को विद्यार्थियों की सुरक्षा की जरा भी चिंता नहीं है।

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    एमसीडी और पुलिस की सांठगांठ के कारण अवैध तरीके से चल रहे कोचिंग सेंटर के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पा रही है।विद्यार्थियों ने बताया कि जो कोचिंग सेंटर बंद हो गए हैं, वहां पढ़ने वाले बच्चे परेशान हैं।फीस देने के बाद भी पढा़ई नहीं हो रही है। प्रांजल ने बताया कि यूपीएससी के मेन्स एग्जाम नजदीक है और बच्चे तैयारी नहीं कर पा रहे हैं।

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