यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दिल्ली में मोहल्ला क्लिनिक की जगह लेंगे आयुष्मान आरोग्य मंदिर? तत्कालीन AAP सरकार ने नहीं दी थी मंजूरी
Ayushman Bharat Yojana आयुष्मान भारत योजना के तहत दिल्ली में स्वास्थ्य की दो बड़ी योजनाएं लागू होने जा रही हैं। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएव ...और पढ़ें

HighLights
- आयुष्मान भारत योजना लागू हुई तो दिल्ली में प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं का ढांचा भी होगा मजबूत।
- आप सरकार द्वारा रोकी गई पीएम-जेएवाई व पीएम-एबीएचआइएम लागू करने का रास्ता हो चुका है साफ।
रणविजय सिंह, नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में सत्ता परिवर्तन होने के बाद केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत दिल्ली में स्वास्थ्य की दो बड़ी योजनाएं प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) व प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन योजना (पीएम-एबीएचआइएम) को दिल्ली में लागू होने का रास्ता साफ हो गया है।
उम्मीद है कि दिल्ली की सत्ता संभालने के बाद नई सरकार इन दोनों योजनाओं को यहां लागू करेगी। इससे गरीबों व 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ तो मिलेगा ही, साथ ही दिल्ली में अब आयुष्मान आरोग्य मंदिर भी बनाए जाएंगे। इससे प्राथमिक स्वास्थ्य का बुनियादी ढांचा मजबूत होगा।
स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का था लक्ष्य
असल में मार्च 2020 में कोरोना की वैश्विक महामारी फैलने के बाद स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे की कमी सामने आई थी। इसके मद्देनजर केंद्र सरकार ने वर्ष 2021 में पीएम-एबीएचआइएम योजना शुरू की थी। इसका मकसद स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना था।
इसके तहत केंद्र सरकार ने दिल्ली में भी 2406 करोड़ की लागत से 1139 शहरी स्वास्थ्य व वेलनेस सेंटर, 11 जिला एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य लैब व दस क्रिटिकल केयर ब्लाक बनाने की योजना को स्वीकृति दी थी। बाद में केंद्र सरकार ने वेलनेस सेंटरों का नाम बदलकर आयुष्मान आरोग्य मंदिर कर दिया।
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AAP सरकार ने इस योजना को नहीं दी मंजूरी
पीएम-एबीएचआईएम योजना (PM-ABHIM Scheme) बड़ा हिस्सा प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने पर खर्च करना था। यही वजह है कि 1139 शहरी स्वास्थ्य व वेलनेस सेंटरों के विकास पर 2058.75 करोड़ रुपये खर्च करना था।
जिसमें से 1232.25 करोड़ केंद्र सरकार को और 823.5 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार को खर्च करना था लेकिन तब आम आदमी पार्टी (आप) सरकार द्वारा इस योजना को स्वीकृति नहीं दिए जाने से यह योजना दिल्ली में लागू नहीं हो पाई। आप सरकार का जोर मोहल्ला क्लीनिक शुरू करने पर था।
आप सरकार ने एक हजार मोहल्ला क्लीनिक शुरू करने की घोषणा की थी लेकिन दस वर्षों में करीब 545 मोहल्ला क्लीनिक बने। इसमें कई मोहल्ला क्लीनिक अभी कई बंद पड़े हैं। साथ ही मोहल्ला क्लीनिकों (Mohalla Clinic) में अनुबंध पर निजी एजेंसी द्वारा जांच में भ्रष्टाचार का मामला भी सामने आया था।
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इस वजह से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सरकार से पीएम-एबीएचआइएम योजना को लागू करने की सिफारिश भी की थी। अब यदि यह योजना लागू होती है तो इसके तहत दिल्ली में 1139 आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाए जा सकते हैं।
वैसे नवनिर्वाचित भाजपा सरकार के गठन के बाद ही इस योजना को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट हो पाएगी। आरोग्य मंदिरों में संचारी व गैर संचारी दोनों तरह की बीमारियों के इलाज की सुविधा मिल पाएगी।