यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 10, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
केजरीवाल के शीशमहल में नहीं रहेंगे बीजेपी सीएम! प्रवेश वर्मा ने किया था 'जनता दर्शन' के लिए खोलने का आग्रह
केजरीवाल द्वारा बनवाए गए शीश महल की चर्चा भी थमने का नाम नहीं ले रही है। सूत्रों की मानें तो बीजेपी नेताओं का कहना है कि बीजेपी के नए सीएम कथित भ्रष्ट ...और पढ़ें

HighLights
- केजरीवाल द्वारा बनवाए गए 'शीश महल' की चर्चा भी थमने का नाम नहीं ले रही है।
- बीजेपी नेताओं का कहना है कि बीजेपी के नए सीएम कथित भ्रष्टाचार से बने 'शीश महल' में नहीं रहेंगे।
डिजिटल डेस्क, जागरण। दिल्ली में विधानसभा चुनाव संपन्न हो चुके हैं। तीन बार दिल्ली की सत्ता पर काबिज रह चुके पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को इस बार करारी हार का सामना करना पड़ा है। इसके साथ ही केजरीवाल द्वारा बनवाए गए 'शीश महल' की चर्चा भी थमने का नाम नहीं ले रही है।
शीशमहल में नहीं रहेंगे बीजेपी सीएम
सूत्रों की मानें तो बीजेपी नेताओं का कहना है कि बीजेपी के नए सीएम कथित भ्रष्टाचार से बने 'शीश महल' में नहीं रहेंगे। अगर हम दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार के समय को याद करें तो उस समय भी भाजपा नेता बार-बार इस बात की पुष्टि कर रहे थे कि अगर भाजपा चुनाव जीतती है तो हमारी पार्टी का नया मुख्यमंत्री 'शीशमहल' में नहीं रहेगा और उसे जनता के दर्शन के लिए खोल दिया जाएगा।
जनता दर्शन के लिए खोलने का आग्रह
5 जनवरी को आईएएनएस समाचार एजेंसी ने बताया कि प्रवेश वर्मा ने तत्कालीन दिल्ली की सीएम आतिशी को एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने आप नेता आतिशी से 'शीश महल' को जनता के दर्शन के लिए खोलने का अनुरोध किया था।
प्रवेश वर्मा ने सीएम आतिशी को पत्र लिखकर कहा था, "मुख्यमंत्री जी, मैं आपके संज्ञान में लाना चाहता हूं कि पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के कार्यकाल के दौरान सरकारी आवास को विशेष रूप से सुसज्जित कर भव्य रूप दिया गया था। आम लोगों के बीच इसे 'शीशमहल' के नाम से जाना जा रहा है।"
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'इस भवन को देखने की प्रबल इच्छा'
पत्र में आगे लिखा था, "नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र की जनता, जिसने लगातार तीन बार केजरीवाल को अपना विधायक चुनकर विधानसभा में भेजा, उनकी इस भवन को देखने की प्रबल इच्छा है। यह भवन अब महज आवास नहीं रह गया है, बल्कि दिल्ली के शासन और प्रशासन के इतिहास का महत्वपूर्ण प्रतीक बन गया है। जनता इसे देखकर समझना चाहती है कि जिस स्थान पर उनके चुने हुए प्रतिनिधि ने अपना कार्यकाल बिताया, वह कैसा है।"
'दिल्ली की जनता इसे करीब से देख सके'
प्रवेश वर्मा ने सीएम आतिशी से अनुरोध करते हुए कहा था, "इस 'शीश महल' को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक 'जनता दर्शन' के लिए खोला जाना चाहिए, ताकि दिल्ली की जनता इसे करीब से देख सके। इससे न केवल जनता की उम्मीदें पूरी होंगी, बल्कि सरकार और जनता के बीच पारदर्शिता और विश्वास भी मजबूत होगा। मुझे पूरा विश्वास है कि आप इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रूप से विचार करेंगी और जल्द ही कोई निर्णय लेंगी।"