Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 09, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के बाद अब 'बेटी बढ़ाओ' पर जोर, CM रेखा गुप्ता का महिला सशक्तिकरण पर फोकस

    By uday jagtap Edited By: Rajesh Kumar
    Updated: Wed, 09 Apr 2025 09:44 PM (IST)

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इंद्रप्रस्थ महिला कॉलेज के समन्वय 100 साल की विरासत कार्यक्रम में कहा कि अब लड़कियों को शिक्षा से आगे बढ़ाकर सशक्त बनाने का ...और पढ़ें

    बचाओ, पढ़ाओ के बाद अब बेटी बढ़ाओ: रेखा गुप्ता। जागरण
    बचाओ, पढ़ाओ के बाद अब बेटी बढ़ाओ: रेखा गुप्ता। जागरण

    HighLights

    1. मुख्यमंत्री ने डीयू के इंद्रप्रस्थ महिला कॉलेज की 100 वर्ष की विरासत के समारोह में भाषण दिया।
    2. उन्होंने महिला सशक्तिकरण की यात्रा में अगले कदम के रूप में "बेटी पढ़ाओ" का आह्वान किया।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अब समय आ गया है कि लड़कियों की सुरक्षा और शिक्षा से आगे बढ़कर उन्हें सक्रिय रूप से सक्षम और सशक्त बनाया जाए। डीयू के इंद्रप्रस्थ महिला कॉलेज में 'समन्वय: 100 साल की विरासत का जश्न' कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने महिला सशक्तिकरण की यात्रा में अगले कदम के रूप में "बेटी पढ़ाओ" का आह्वान किया।

    "बेटी बचाओ से बेटी पढ़ाओ तक का सफर पूरा"

    उन्होंने कहा कि हमने बेटी बचाओ से बेटी पढ़ाओ तक का सफर पूरा कर लिया है। अब बेटियों को आगे बढ़ाने का समय आ गया है। हमारी माताओं ने हमें बचाया और शिक्षित किया। अब हमारी जिम्मेदारी है कि हम अगली पीढ़ी की लड़कियों को आगे बढ़ने और चमकने में मदद करें।

    अपने छात्र नेतृत्व के दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि जब वह 1996 में डूसू अध्यक्ष थीं, तब डीयू ने सभी कॉलेजों के लिए एक समान प्रवेश फॉर्म पेश किया था। डीयू की यह संस्कृति है जहां छात्र, शिक्षक और प्रशासक एक साथ काम करते हैं।

    डीयू की समृद्ध विरासत पर भी प्रकाश डाला

    मुख्यमंत्री ने महिला नेताओं को गढ़ने में डीयू की समृद्ध विरासत पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि देश की पहली महिला मुख्यमंत्री सुचेता कृपलानी से लेकर आज यहां मुख्यमंत्री के रूप में खड़ी मुझ तक, यह डीयू की यात्रा है। उन्होंने युवा महिलाओं से आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनने का आह्वान करते हुए उनसे खुद के लिए लड़ने का संकल्प लेने का आग्रह किया।

    खबरें और भी

    बता दें कि 1924 में स्थापित इंद्रप्रस्थ कॉलेज ने महिला शिक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से इसका गहरा नाता रहा है। इस अवसर पर कॉलेज की प्रिंसिपल प्रो. पूनम कुमारिया मौजूद रहीं।

    यह भी पढ़ें: Delhi Water Supply: दिल्ली वालों को क्यों होती है पानी की किल्लत? सामने आई बड़ी वजह