यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 09, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दिल्ली कांग्रेस में होगा बड़ा फेरबदल, क्या है पार्टी की नई राजनीतिक पहल?
दिल्ली कांग्रेस विधानसभा चुनाव में हार के बावजूद सकारात्मक संकेतों के साथ संगठन को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। जल्द ही तीन नए जिला अध्यक्ष ...और पढ़ें

HighLights
- दिल्ली कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की राह पर
- नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति और कामकाज का मूल्यांकन
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। विधानसभा चुनाव में हार के बावजूद वोट प्रतिशत में बढ़ोतरी को प्रदेश कांग्रेस भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत मान रही है। इसीलिए अब उसका मुख्य फोकस संगठन को मजबूत करने पर है।
जल्द ही पार्टी तीन नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति करने जा रही है और बाकी 11 के कामकाज का मूल्यांकन भी करेगी। इसके अलावा करीब 25 ब्लॉक अध्यक्ष भी बदले जाएंगे। इन सभी के कामकाज से पार्टी नेतृत्व ने नाराजगी जताई है।
बदलाव की नई कड़ी में ये इलाका
दिल्ली में कांग्रेस के 14 जिला अध्यक्ष हैं। पिछली बार पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौधरी के कार्यकाल में करीब साढ़े तीन साल तक इनमें बदलाव हुआ था। बदलाव की नई कड़ी में बदरपुर, आदर्श नगर और रोहिणी को इसी महीने नए जिला अध्यक्ष मिल जाएंगे।
इन जिलों के अध्यक्ष या तो पार्टी छोड़ चुके हैं या फिर अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं। हालांकि पार्टी बाकी 11 जिला अध्यक्षों के कामकाज की भी जांच करेगी और जहां जरूरत होगी, वहां बदलाव करेगी।
कमोबेश यही स्थिति ब्लॉक अध्यक्षों के साथ भी रही है। 250 में से 25 ब्लॉक अध्यक्षों को हटाने की तैयारी है। इस बदलाव के पीछे मुख्य कारण यह भी है कि उनका काम संतोषजनक नहीं है।
पार्टी ने विधानसभा चुनाव मजबूती से लड़ा
पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस बार पार्टी ने विधानसभा चुनाव मजबूती से लड़ा। भले ही उसे आम आदमी पार्टी के खाते से करीब दो फीसदी ही मिले, लेकिन वह अपना खोया वोट बैंक वापस पाने में सफल रही। पार्टी को उम्मीद है कि अब आप जनता का ध्यान खो चुकी है।
इसलिए आने वाले सभी चुनावों में मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही होगा। संगठन की कमजोर कड़ियों को दूर करना जरूरी है।
संगठन मजबूत होने पर ही भविष्य में चुनाव बेहतर तरीके से लड़े जा सकेंगे। इसीलिए कुछ जगहों पर बदलाव करने का फैसला लिया गया है। बाकी जगहों पर भी अध्यक्षों का काम देखने के बाद जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। एआईसीसी की सहमति और संस्तुति से इसी महीने औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी।
-देवेंद्र यादव, अध्यक्ष, दिल्ली कांग्रेस
यह भी पढ़ें :