Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 13, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    DDA की विशेष आवासीय योजना में होगी फ्लैटों की ई-नीलामी, अगले महीने से शुरू होगी प्रक्रिया; पढ़ें पूरी डिटेल

    Updated: Thu, 13 Feb 2025 09:50 PM (IST)

    डीडीए की विशेष आवासीय योजना के तहत 110 फ्लैटों की ई-नीलामी होगी। इसमें वन बीएचके के एलआइजी फ्लैट टू बीएचके के एमआइजी फ्लैट और थ्री बीएचके के एचआइजी फ् ...और पढ़ें

    डीडीए की विशेष आवासीय योजना के तहत 110 फ्लैटों की ई-नीलामी होगी।
    डीडीए की विशेष आवासीय योजना के तहत 110 फ्लैटों की ई-नीलामी होगी।

    HighLights

    1. डीडीए की विशेष आवासीय योजना में होगी फ्लैटों की ई नीलामी
    2. काफी खरीदारों ने डीडीए की वेबसाइट पर ई-नीलामी के लिए पंजीकरण किया

    राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की विशेष आवासीय योजना के तहत 110 फ्लैटों की ई-नीलामी होगी। इसमें वन बीएचके के एलआइजी फ्लैट, टू बीएचके के एमआइजी फ्लैट और थ्री बीएचके के एचआइजी फ्लैट शामिल हैं। फ्लैटों की ई-नीलामी प्रक्रिया 18 फरवरी से शुरू होगी। इससे पहले फ्लैट खरीदारों को आवेदन प्रक्रिया को अंतिम रूप से पूरा करने के लिए बृहस्पतिवार शाम तक का समय दिया गया था।

    मंगलवार-बुधवार को भी काफी खरीदारों ने डीडीए की वेबसाइट पर ई-नीलामी के लिए पंजीकरण किया। बहुत से लोगों ने फ्लैटों की बयाना राशि भी जमा करवा दी है। इसमें एलआइजी फ्लैटों के लिए चार लाख रुपये, एमआइजी फ्लैटों के लिए दस लाख रुपये और एचआइजी फ्लैटों के लिए 15 लाख रुपये बयाना राशि तय की गई है। ई-नीलामी के तहत कुल 110 एचआइजी, एमआइजी और एलआईजी फ्लैट को लोग खरीद सकते हैं।

    दो हजार से ज्यादा लोगों ने किया पंजीकरण

    अधिकारियों के अनुसार मंगलवार तक दो हजार से ज्यादा लोगों ने फ्लैटों के लिए पंजीकरण करा लिया था। इसमें एलआईजी फ्लैटों की कीमत 28 लाख रुपये से 62 लाख रुपये तक है। साथ ही एमआइजी फ्लैटों की कीमत 85 लाख रुपये से लेकर एक करोड़ 48 लाख रुपये तक है। एचआइजी फ्लैटों की कीमत एक करोड़ 28 लाख रुपये से लेकर एक करोड़ 94 लाख रुपये तक है।

    द्वारका सेक्टर 22 में डीडीए बनाएगा गोल्ड बाजार

    द्वारका के सेक्टर 22 में डीडीए ने गोल्ड बाजार बनाने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई है, जिसमें सोने के व्यापार में विशेषज्ञता रखने वाला अपस्केल रिटेल स्पेस भी शामिल है। इस कदम का मकसद क्षेत्र को आभूषण खरीदारी के लिए एक सेंट्रलाइज्ड केंद्र में बदलना है, जो दुबई के मशहूर सोने के बाजारों से प्रेरित है और स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों के बीच लोकप्रिय है।

    खबरें और भी

    3.91 हेक्टेयर के बड़े भूखंड पर विकसित होगी परियोजना

    द्वारका में सोने और आभूषणों के खुदरा और थोक दोनों पहलुओं के लिए समर्पित स्पेशल शोरूम शामिल होंगे, साथ ही बुटीक भी होंगे जो कीमती मेटल ट्रेडर्स और खरीदारों की जरूरतों को पूरा करेंगे। इस पहल को लेकर डीडीए द्वारा जारी एक दस्तावेज के अनुसार, ''डीडीए विभिन्न सुविधाओं के विकास के लिए सक्रिय रूप से एक्सप्रेशन आफ इंटरेस्ट की मांग कर रहा है, जिसमें व्यापारिक उद्देश्यों के लिए सोने के बाजार में आने वाले व्यक्तियों के लिए डिजाइन किए गए कमर्शियल स्पेस और सर्विस अपार्टमेंट भी शामिल होंगे। यह परियोजना 3.91 हेक्टेयर के बड़े भूखंड पर विकसित होनी है।''

    ट्रांजिट ओरिएटेंड विकास कॉन्सेप्ट को अपनाने की योजना

    डीडीए के एक अधिकारी ने बताया, ''हमारा लक्ष्य इस क्षेत्र को एक व्यापक वन-स्टॉप डेस्टिनेशन के तौर पर उभारना है, जहां सोने के व्यापार से संबंधित सभी खुदरा और थोक गतिविधियां निर्बाध रूप से संचालित हो सकें। हम इस परियोजना के लिए ट्रांजिट ओरिएटेंड विकास कॉन्सेप्ट को अपनाने की योजना बना रहे हैं। इसलिए, अनुमानित कार पार्किंग आवश्यकताओं के साथ-साथ फ्लोर एरिया रेशियो (अनुपात) को भी उसी के अनुसार अंतिम रूप दिया जाएगा।

    40 साल की शुरुआती अवधि की लीज पर

    इस साइट को 40 साल की शुरुआती अवधि के लिए लीज पर दिया जाएगा, जिसमें अतिरिक्त 20 साल के विस्तार की अनुमति देने का प्रावधान है। अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य रणनीतिक रूप से धन जुटाना है जिसका उपयोग सब्सिडी वाली परियोजनाओं के लिए किया जा सकता है। साथ ही इसके जरिए खाली भूखंडों पर अनधिकृत बस्तियों और अवैध निर्माण गतिविधियों को रोका जा सकता है।

    यह भी पढ़ें- Traffic Advisory: दिल्ली पुलिस ने जारी की ट्रैफिक एडवाइजरी, घर से निकलने से पहले देख लें रूट