यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 06, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Delhi Air Pollution: जहरीली हुई दिल्ली की हवा, सांसों का संकट शुरू; ग्रेप का पहला चरण लागू
Delhi Air Pollution दिल्ली में खराब श्रेणी में हवा की गुणवत्ता पहुंचते ही दिल्ली-एनसीआर में ग्रेप का पहला चरण लागू कर दिया गया है। अब डीजी सेट व पटाखो ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो। नई दिल्ली। दिल्ली में हवा (Delhi Air Quality) 'खराब' श्रेणी में पहुंच गई। खराब श्रेणी में हवा की गुणवत्ता पहुंचते ही दिल्ली-एनसीआर में ग्रेप का पहला (Grap-1) चरण लागू कर दिया गया है। अब डीजी सेट व पटाखों पर रोक सहित 27 सूत्री एक्शन प्लान लागू हो गया है।
खराब श्रेणी की हुई हवा की गुणवत्ता
शुक्रवार को दिल्ली में शराब श्रेणी की हवा गुणवत्ता दर्ज की गई। वहीं, गुरुवार को राजधानी के आठ इलाकों का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 200 ऊपर यानी 'खराब' श्रेणी में पहुंच गया। यह बात अलग है कि समग्र तौर पर अभी वायु गुणवत्ता ''मध्यम'' श्रेणी में बनी हुई है।
दिल्ली-NCR में ग्रेप-1 लागू
एयर क्वालिटी इंडेक्स 200 के पार पहुंचते ही सीएक्यूएम की ग्रेप उप समिति की आपात बैठक में दिल्ली-एनसीआर में ग्रेप का पहला चरण लागू करने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान खुले में कूड़ा जलाने, नियमित बिजली आपूर्ति के लिए डीजल जनरेटर सेट के इस्तेमाल व पटाखों पर रोक सहित 27 सूत्री एक्शन प्लान को किया लागू कर दिया गया है।
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अगस्त-सितंबर में हुई कम बारिश
खास बात है कि इस बार अगस्त और सितंबर में एनसीआर में सामान्य से कम बरसात हुई। इसके चलते यहां पर जमीन में नमी की मात्रा कम है और हवा के साथ धूल ज्यादा उड़ रही है। इसके अलावा मानसून की वापसी के बाद हवा की दिशा भी उत्तरी-पश्चिमी हो गई है। इसकी रफ्तार भी कम है। इसीलिए धूल कणों से होने वाला प्रदूषण (Delhi Air Pollution) ज्यादा देर तक वातावरण में ठहर रहा है।