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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi Pollution: दिल्ली में फिर खराब हुई हवा, वाहनों और फैक्ट्रियों का धुआं ज्यादा फैला रहा प्रदूषण

Updated: Tue, 10 Dec 2024 09:43 PM (IST)

Delhi AQI दिल्ली में प्रदूषण का स्तर फिर से बढ़ गया है। वाहनों के उत्सर्जन और फैक्ट्रियों के धुएं से प्रदूषण में इजाफा हुआ है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत् ...और पढ़ें

दिल्ली में फिर खराब श्रेणी में पहुंची वायु की गुणवत्ता।
दिल्ली में फिर खराब श्रेणी में पहुंची वायु की गुणवत्ता।

HighLights

  1. सीपीसीबी ने 234 बताया एयर इंडेक्स, आईक्यू एयर ने बताया 171
  2. प्रदूषण में वाहनों और फैक्ट्रियों के धुएं की हिस्सेदारी रही अधिक।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। राजधानी में रविवार देर शाम हुई बहुत हल्की वर्षा के बाद तेज हवा चलने के कारण प्रदूषण से एक दिन की राहत के बाद मंगलवार को स्मॉग के कारण प्रदूषण का स्तर थोड़ा बढ़ गया। इस वजह से दिल्ली में मंगलवार को हवा की गुणवत्ता एक बार फिर खराब श्रेणी में पहुंच गई।

दिल्ली के प्रदूषण में वाहनों के उत्सर्जन और फैक्ट्रियों के धुएं की हिस्सेदारी ज्यादा रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, दिल्ली में अभी तीन दिन हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में रह सकती है।

दिल्ली में बढ़ा AQI

सीपीसीबी द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली का एयर इंडेक्स 234 रहा जो खराब श्रेणी में है। एक दिन पहले दिल्ली का एयर इंडेक्स मध्यम श्रेणी में 186 था। इसके मुकाबले मंगलवार को एयर इंडेक्स में 48 अंकों की बढ़ोतरी हुई।

वहीं, स्विस कंपनी आईक्यू एयर ने दिल्ली का एयर इंडेक्स 171 बताया, जो सीपीसीबी के मानकों के अनुसार मध्यम श्रेणी माना जाता है। वैसे दिन में आसमान साफ रहा और गुनगुनी धूप भी खिली। इससे स्माग से राहत भी महसूस की गई।

प्रदूषण में किसकी कितनी हिस्सेदारी

आईआईटीएम पुणे के डिसिजन स्पोर्ट सिस्टम (डीएसएस) के अनुसार, दिल्ली के प्रदूषण में वाहनों के उत्सर्जन की हिस्सेदारी सबसे अधिक 20.20 प्रतिशत रही। दिल्ली और आसपास के फैक्ट्रियों के धुएं की हिस्सेदारी 9.63 प्रतिशत, कूड़ा जलाने के कारण निकलने वाले धुएं की हिस्सेदारी 1.85 प्रतिशत व निर्माण कार्य के दौरान उड़ने वाली धूल की हिस्सेदारी 2.75 प्रतिशत रही।

इसके अलावा हरियाणा के झज्जर के तरफ से आने वाले प्रदूषक तत्वों की हिस्सेदारी 9.91 प्रतिशत व सोनीपत की तरफ से आने वाले प्रदूषक तत्वों की हिस्सेदारी 7.18 प्रतिशत रही। इसके अलावा अन्य कारक जिम्मेदार रहे।

दिल्ली के वातावरण में प्रदूषण की मात्रा

दिल्ली के वातावरण में पीएम-10 का अधिकतम स्तर 161.2 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा जो सामान्य (100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर) मानक स्तर से डेढ़ गुना अधिक है। पीएम-2.5 का अधिकतम स्तर 89.4 माइक्रोग्राम पति घन मीटर रहा जो सामान्य (60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर) मानक स्तर से ज्यादा है।

एनसीआर के शहरों का एक्यूआई

एनसीआर के शहरों में गुरुग्राम का एयर इंडेक्स खराब श्रेणी में रहा। वहीं, नोएडा, ग्रेटर नोएडा व गाजियाबाद का एयर इंडेक्स खराब श्रेणी में रहा। एनसीआर के प्रमुख शहरों में फरीदाबाद में हवा सबसे ज्यादा साफ रही। इस वजह से फरीदाबाद में हवा की गुणवत्ता संतोषजनक रही।

एनसीआर में मंगलवार को सीपीसीबी द्वारा जारी व आईक्यू एयर ऐप के अनुसार एयर इंडेक्स

शहर सीपीसीबी आईक्यू एयर
दिल्ली 234 171
गुरुग्राम 214 160
नोएडा 168 159
ग्रेटर नोएडा 133 148
गाजियाबाद 130 132
फरीदाबाद 90 119