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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 06, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Delhi Auto Taxy Driver: ऑटो और टैक्सी चालकों को वर्दी पहनना अनिवार्य, नहीं तो कटेगा 10 हजार का चालान

    By V K ShuklaEdited By: Geetarjun
    Updated: Mon, 06 Feb 2023 11:58 PM (IST)

    Delhi Auto Taxy Driver दिल्ली में बगैर वर्दी के चलने वाले ऑटो टैक्सी चालकों की अब खैर नहीं सरकार ने उन्हें वर्दी पहनना अनिवार्य कर दिया है नहीं तो 10 ...और पढ़ें

    ऑटो और टैक्सी चालकों को वर्दी पहनना अनिवार्य, नहीं तो कटेगा 10 हजार का चालान
    ऑटो और टैक्सी चालकों को वर्दी पहनना अनिवार्य, नहीं तो कटेगा 10 हजार का चालान

    नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। दिल्ली में बगैर वर्दी के चलने वाले ऑटो, टैक्सी चालकों की अब खैर नहीं है, सरकार ने उन्हें वर्दी पहनना अनिवार्य कर दिया है, नहीं तो 10 हजार का चालान कटेगा। परिवहन विभाग ने सोमवार को एक आदेश में शहर में ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों को वाहन चलाते समय वर्दी पहनकर चलने का आदेश जारी किया है, ऐसा नहीं करने पर जुर्माना तथा बार-बार उल्लंघन करने वालों का लाइसेंस निलंबित करने की चेतावनी दी है।

    मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 66 के तहत प्रत्येक टैक्सी और ऑटो रिक्शा को सड़क पर चलने के लिए परमिट प्राप्त करना आवश्यक है। दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है कि परमिट कुछ शर्तों के साथ संचालित होता है, उनमें से प्रमुख यह है कि कोई व्यक्ति निर्धारित वर्दी पहने बिना वाहन नहीं चलाएगा।

    जागरूकता पैदा करने पर ध्यान

    परिवहन विभाग के अधिकारी ने कहा कि शुरुआत में ध्यान ड्राइवरों में वर्दी पहनने के लिए जागरूकता पैदा करने पर होगा, क्योंकि शहर जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है और सरकार खराब प्रभाव नहीं डालना चाहती है।

    सभी ऑटो-टैक्सी चालकों को दिया निर्देश

    सोमवार के आदेश में कहा गया कि टैक्सी और ऑटो रिक्शा के सभी चालकों को निर्देशित किया जाता है कि वे निर्धारित वर्दी पहने बिना वाहन न चलाएं, ऐसा न करने पर परमिट की शर्तों के उल्लंघन के लिए चालान जारी किया जाएगा। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों के चालकों के लिए वर्दी पहनना भी अनिवार्य है।

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    चालकों को देगी पहचान

    दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ के महासचिव राजिंदर सोनी ने कहा कि वर्दी चालकों को एक पहचान देगी। दिल्ली मोटर वाहन नियम 1993 के अनुसार, ऑटो और टैक्सी के चालकों को अपने वाहन चलाते समय खाकी वर्दी पहनना आवश्यक है। हालांकि, 1995-96 के आसपास, ड्राइवरों के लिए रंग को ग्रे में बदल दिया गया था और उन लोगों के लिए सफेद रंग बदल दिया गया था, जो अपनी टैक्सी और ऑटो चलाते थे।

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    कैपिटल ड्राइवर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष चंदू चौरसिया ने कहा कि ऑटो और टैक्सी के ड्राइवरों को वर्दी पहनने में कोई समस्या नहीं है, लेकिन चालान एक समस्या है। उन्होंने कहा कि ऑटो और टैक्सी चालक मुश्किल से प्रतिदिन 2,000-4,000 कमाते हैं। उनके लिए 10,000 रुपये का जुर्माना बहुत अधिक है।