यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
राजनिवास पहुंचा दिल्ली सरकार और अधिकारियों के बीच का विवाद, मंत्री आतिशी ने LG से की शिकायत
Delhi Politics मुख्य सचिव ने अपने नोट में कहा है कि जीएनसीटीडी एक्ट से सेक्शन 3ए को हटाने के बाव सेवा और सतर्कता विभाग से संबंधित सभी मामलों पर प्रभाव ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, नई दिल्लीः अधिकारों को लेकर सरकार में चल रहा विवाद अब राजनिवास पहुंच गया है। सेवा व सतर्कता विभाग की मंत्री आतिशी ने अधिकारियों द्वारा आदेश न मानने की एलजी से शिकायत की है। वहीं मुख्य सचिव ने कहा है कि चुनी हुई सरकार के पास अब शक्तियां नहीं हैं।
इससे नाराज आतिशी ने मुख्य सचिव नरेश कुमार पर निर्वाचित सरकार के आदेश की अवहेलना करने का आरोप लगाया है और इसे लेकर एलजी को पत्र लिखकर आपत्ति जताई है। बता दें कि मुख्य सचिव ने गत 21 अगस्त काे सेवा और सतर्कता विभाग की मंत्री आतिशी को लिखे अपने पत्र में जीएनसीटीडी संशोधन अधिनियम की धारा 45जे(5) का हवाला दिया है।
मुख्य सचिव ने अपने नोट में कहा है कि जीएनसीटीडी एक्ट से सेक्शन 3ए को हटाने के बाव सेवा और सतर्कता विभाग से संबंधित सभी मामलों पर प्रभावी कार्यकारी शक्तियां एलजी के पास हैं न की चुनी हुई सरकार के हैं।आतिशी ने अपने पत्र में कहा है कि दिल्ली सरकार इस कानूनी व्याख्या से असहमत है।
उन्होंने कहा कि जीएनसीटीडी (संशोधन) अधिनियम, 2023 इस संबंध में उपराज्यपाल को केवल विशिष्ट शक्तियां प्रदान करता है, जिसका इस्तेमाल एलजी सिर्फ नेशनल कैपिटल सिविल सर्विस अथारिटी की सिफारिशों पर ही कर सकते है।
उन्होंने इस बात पर भी जोर डाला कि सर्वोच्च न्यायालय ने भी दिल्ली सरकार का समर्थन करते हुए कहा है कि एनसीटीडी के पास सेवाओं पर विधायी और कार्यकारी शक्तियां है।आतिशी ने एलजी को इस मामले पर पुनर्विचार करने के लिए पत्र लिखा है और उनकी राय भी मांगी है।