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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Delhi Election Result: दो लोकसभा चुनाव में बंजर रहीं ये सीटें, विधानसभा चुनाव में खिला कमल; देखें लिस्ट

    By Nihal Singh Edited By: Rajesh Kumar
    Updated: Tue, 11 Feb 2025 08:57 PM (IST)

    2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा पूर्वांचल के मतदाताओं की बड़ी संख्या वाली 10 सीटों में से बादली और संगम विहार जैसी दो सीटें नहीं जीत पाई थी जबकि इस बार ...और पढ़ें

    2024 लोकसभा में जिन विधानसभाओं पर नहीं जीती भाजपा, पर इस बार विधानसभा में जीत गई (फाइल फोटो)
    2024 लोकसभा में जिन विधानसभाओं पर नहीं जीती भाजपा, पर इस बार विधानसभा में जीत गई (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. 2024 के लोकसभा चुनाव में इन विधानसभा सीटों पर भाजपा को जीत नहीं मिली
    2. भाजपा ने ऐसे मतदाताओं की पहचान की, जिनका नाम मतदाता सूची में था

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव में इस बार भाजपा की ऐसी लहर चली कि उन विधानसभा सीटों पर भी जीत का कमल खिला, जिन पर पार्टी दो लोकसभा चुनावों में जीत दर्ज नहीं कर पाई थी।

    झुग्गी-झोपड़ी और अनुसूचित जाति के मतदाता

    वर्ष 2014 और 2024 के दो लोकसभा चुनावों में ऐसी विधानसभा सीटों की संख्या 10 से 18 है। खास बात यह है कि इन चुनावों में झुग्गी-झोपड़ी और अनुसूचित जाति के मतदाता भी बड़ी संख्या में हैं। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने सात संसदीय सीटों के 70 में से 60 विधानसभा क्षेत्रों में भगवा ध्वज फहराया है और वर्ष 2024 में 52 विधानसभा सीटों पर।

    इन सीटों पर मिली हार

    गौरतलब है कि वर्ष 2019 में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद देशभर में बने देशभक्ति के माहौल में मतदाताओं ने खूब वोट डाले थे। तब लोकसभा चुनाव में भाजपा ने विधानसभावार 70 में से 65 सीटों पर जीत दर्ज की थी। सिर्फ पांच मुस्लिम बहुल सीटें- चांदनी चौक, मटिया महल, बल्लीमारान, सीलमपुर और ओखला बंजर रहीं। जिससे बाकी दो लोकसभा चुनावों में भी निराशा हाथ लगी। इसके अलावा लोकसभा चुनाव में इन सीटों पर कभी जीत तो कभी हार का सामना करना पड़ा है।

    इन दो लोकसभा सीटों पर मिली हार

    2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा पूर्वांचल के मतदाताओं की बड़ी संख्या वाली 10 सीटों में से बादली और संगम विहार जैसी दो सीटें नहीं जीत पाई थी, जबकि इस बार विधानसभा चुनाव में दोनों सीटों पर कमल खिला है।

    बीजेपी ने चली ये चाल

    साल 2024 में बीजेपी का सीधा मुकाबला आप और कांग्रेस के गठबंधन से था। इस स्थिति में भी पार्टी ने लोकसभा की सभी सातों सीटें जीतीं, लेकिन विधानसभा चुनाव में यह आंकड़ा सिर्फ 52 सीटों का रहा। सीधी लड़ाई में बीजेपी को अपनी राजनीतिक जमीन का साफ अंदाजा हो गया, जिसके बाद पार्टी ने बूथ मैनेजमेंट, झुग्गी विस्तार अभियान, पन्ना प्रमुख जैसे अभियान जमीन पर चलाए और 2025 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 48 सीटें जीतीं।

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    भाजपा ने की ऐसे मतदाताओं की पहचान

    बूथ प्रबंधन के जरिए भाजपा ने ऐसे मतदाताओं की पहचान की, जिनका नाम मतदाता सूची में था, लेकिन वे वहां रहते नहीं थे। इसी तरह झुग्गी विस्तार अभियान के तहत भाजपा ने लगातार छह महीने तक हर हफ्ते झुग्गीवासियों से संवाद किया और उनकी समस्याओं को लेकर आप सरकार के खिलाफ आवाज भी उठाई। पन्ना प्रमुखों का डिजिटल लाइव सत्यापन किया गया।

    इसमें भाजपा ने आंतरिक एप के जरिए ऐसे पन्ना प्रमुखों को जिम्मेदारी दी, जो रिकॉर्ड के लिए नहीं थे, लेकिन जमीनी स्तर पर मौजूद थे। पहले डिजिटल डाटा तैयार करने के लिए सिर्फ एक तस्वीर की जरूरत होती थी। जबकि इस बार भाजपा के आंतरिक एप पर पन्ना प्रमुख का सत्यापन तभी हो सका, जब आंखों की रेटिना के जरिए व्यक्ति का बायोमेट्रिक सत्यापित हुआ।

    2024 के लोकसभा चुनाव में इन विधानसभा सीटों पर भाजपा को जीत नहीं मिली

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    2024 लोकसभा में जिन विधानसभाओं पर नहीं जीती भाजपा, पर इस बार विधानसभा में जीत गई

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