विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 05, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Liquor Scam: मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत कहां हैं...? सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से किया सवाल

By Jagran NewsEdited By: Pooja Tripathi
Updated: Thu, 05 Oct 2023 04:52 PM (IST)

दिल्ली शराब घोटाला मामले में ईडी द्वारा दर्ज केस में मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में पांच घंटे से भी ज्यादा सुनवाई हुई। ...और पढ़ें

मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुनवाई टली।
मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुनवाई टली।

ऑनलाइन डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली शराब घोटाला मामले में ईडी द्वारा दर्ज केस में मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में पांच घंटे से भी ज्यादा सुनवाई हुई।

इस दौरान जहां ईडी की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एसवी राजू ने मनीष सिसोदिया की जमानत का विरोध किया, वहीं जस्टिस खन्ना की बेंच ने ईडी से उसके द्वारा पेश तथ्यों के आधार पर यह पूछा, वो सबूत कहां है जो बताए कि सिसोदिया मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी हैं।

अपराध की कमाई कहां है?

अदालत ने ईडी से पूछा, प्रूफ कहां हैं? प्रमाण कहां हैं? आपको पूरी घटनी की श्रृंखला पेश करनी होगी? अपराध हुआ तो उसकी कमाई कहां है?

सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने रिमार्क दिया कि सिसोदिया इस मामले में संलग्न मालूम नहीं पड़ते। अदालत ने ईडी से ये भी पूछा कि वह कैसे मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोपी बनाए गए हैं?

'विजय नायर जरूर इस मामले में संलग्न है'

सर्वोच्च न्यायालय ने कहा, 'मनीष सिसोदिया इस केस में सम्मिलित नहीं दिखते। विजय नायर जरूर है लेकिन मनीष सिसोदिया नहीं। आपने कैसे उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग का आरोपी बनाया। उन्हें तो पैसे मिल नही रहे।'

यही नहीं सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से कई तरह से सवाल कर यह जानना चाहा कि जब कमाई सिसोदिया तक नहीं पहुंची तो उन्हें आरोपी कैसे बनाया है?