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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 10, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi Fraud News: खुद को परिजन बताकर करते थे कॉल, फिर बहाना बनाकर ठग लेते थे लाखों रुपये; दो गिरफ्तार

By Sanjay NidhiEdited By: Abhi Malviya
Updated: Tue, 10 Oct 2023 06:18 PM (IST)

Delhi Fraud News स्वजन बनकर काल कर खुद को कभी किसी गंभीर बीमारी या किसी दुर्घटना की बात कहकर पैसे ठगने वाले दो आरोपितों को Delhi Police ने गिरफ्तार क ...और पढ़ें

द्वारका जिला पुलिस की साइबर थाना ने दो आरोपितों को किया गिरफ्तार।
द्वारका जिला पुलिस की साइबर थाना ने दो आरोपितों को किया गिरफ्तार।

HighLights

  1. शिकार को भरोसे में लेकर उनसे पैसे ठगने के बाद आरोपित अपना मोबाइल बंद कर देते थे।
  2. दोनों राजस्थाना के दौसा स्थित कंचनपुरा गांव के निवासी हैं।

जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। स्वजन बनकर काल कर खुद को कभी किसी गंभीर बीमारी या किसी दुर्घटना की बात कहकर पैसे ठगने वाले दो आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। शिकार को भरोसे में लेकर उनसे पैसे ठगने के बाद आरोपित अपना मोबाइल बंद कर देते थे।

द्वारका जिला पुलिस के साइबर थाना द्वारा गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपितों का नाम रोशन लाल मीणा व सतीश कुमार मीणा है। दोनों राजस्थाना के दौसा स्थित कंचनपुरा गांव के निवासी हैं। इनके कब्जे से चार मोबाइल फोन, 13 डेबिट कार्ड व नकदी बरामद हुए हैं। मामले की छानबीन जारी है।

ऐसे दिया ठगी को अंजाम

द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त एम हर्षवर्धन ने बताया कि 31जुलाई को साइबर थाना में एक शिकायतकर्ता ने कहा कि एक व्यक्ति ने उन्हें वाट्सएप के माध्यम से एक अज्ञात नंबर से काल किया और खुद को ऋषि बताया, जो इनका भतीजा है। उसने कहा कि वह कनाडा में सड़क दुर्घटना की चपेट में आया है और इस मामले को निपटाने के लिए उसे रुपये की आवश्यकता है।

आरोपित ने तीन लाख तत्काल देने के लिए कहे। इस पर शिकायतकर्ता ने खुद को ऋषि बताने वाले कालर द्वारा कहे के अनुसार रुपये भेज दिए। लेकिन बाद में जब शिकायतकर्ता ने उससे संपर्क किया तो पता चला कि यह नंबर अब नहीं है। ठगी के अहसास के बाद मामले से पुलिस को अवगत कराया गया।

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तकनीकी निगरानी से लगा पता

एसीपी रामअवतार की देखरेख व थाना प्रभारी जगदीश कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की गई। जांच के दौरान टीम द्वारा उस बैंक खाते का विवरण एकत्रित किया गया, जहां पैसा भेजा गया था। तकनीकी निगरानी और विश्लेषण के आधार पर बैंक खाते का विवरण प्राप्त किया गया। पता चला कि यह जयपुर से संचालित हो रहा है।

आगे पता चला कि खाते से जुड़े दो व्यक्ति इस समय अपने दोस्तों से मिलने के लिए दिल्ली में हैं। तकनीकी निगरानी के आधार पर दोनों की लोकेशन बिजवासन अंडरपास के मिला, जिसके बाद दोनों को पुलिस ने दबोच लिया।

पता चला कि शिकायतकर्ता ने ठगे गए कुल तीन लाख में से एक लाख रोशन लाल मीणा के इंडियन बैंक खाते में जमा की गई और शेष ठगी गई राशि आरोपित सतीश कुमार मीणा के यूको बैंक खाते में जमा किये गये। पुलिस अब आरोपितों से यह पता कर रही है कि उनके स्वजन के बारे में इन्हें कहां से जानकारी मिली।

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