यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 30, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
G20 in Delhi: चोरों ने PWD की नाक में किया दम, चोरी होने के बाद सड़कों से हटाए 50% गमले; पुलिस से की शिकायत
चोरी होने पर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान सड़कों पर लगाए गए 50 प्रतिशत पौधों वाले गमले सड़कों से हटा दिए हैं। विभाग ...और पढ़ें

HighLights
- जी-20 के दौरान सड़कों पर लगाए गए थे गमले।
- अब तक 100 से अधिक गमले चोरी हो गए।
नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। चोरी होने पर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान सड़कों पर लगाए गए 50 प्रतिशत पौधों वाले गमले सड़कों से हटा दिए हैं। विभाग की मानें तो अब तक 100 से अधिक गमले चोरी हो गए हैं। लोक निर्माण विभाग ने रिंग रोड, राजघाट और प्रगति मैदान के आसपास गमले चोरी होने के बारे में पुलिस में शिकायत की है।
पुलिस की सलाह और हालात देखते हुए विभाग ने अब ऐसे स्थानों से गमले उठा लिए हैं, जहां वे सुरक्षित नही थे। इन गमलों को उठाकर अपनी नर्सरियों में रखचा दिया है।
सरकारी इमारतों में रखे जाएंगे गमले
जहां से जरूरत के हिसाब से सरकारी इमारतों में इन्हें भेजा जाएगा। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि गमले चोरी होने की समस्या बढ़ी है। उन्होंने कहा कि लोगों को यह बात समझनी चाहिए कि अगर गमले सड़क पर रहेंगे तो उनका शहर ही सुंदर रहेगा। गमले उठाकर लोगों ने शहर की सुंदरता कम करने की कोशिश की है, जो अच्छी बात नही है।
गमलों को दिल्ली सजाने में बड़ा योगदान
जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए सजाई गई दिल्ली में हरियाली का बड़ा योगदान रहा है। गमलों में लगे इन पौधों को जगह-जगह सड़कों पर लगाकर दिल्ली को सजाया गया, जिसकी खूब तारीफ भी हुई है।
एक लाख 67 हजार लगाए थे पौधे
इसी कड़ी में लोक निर्माण विभाग ने भी एक लाख 67 हजार पौधों वाले गमले लगाए थे। इन गमलों के माध्यम से आईजीआई एयरपोर्ट के टेक्निकल एरिया से लेकर प्रगति मैदान को सजाया गया था। इन्हें सार्वजनिक स्थानों, गोल चक्करों, प्रमुख चौराहों और फ्लाईओवर के निचले हिस्सों में खासतौर पर सजाया गया था। राजघाट और इसके आसपास भी बड़ी संख्या में गमले लगाए गए थे।
कई प्रकार के थे पौधे
सड़कों के किनारे लगाए गमलों में विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए गए थे। ये वे पौधे थे, जो आमतौर पर लोग पौधे अपने किचन गार्डन व घर के बाहर लगाते थे। इनमें विभिन्न प्रकार के फूल वाले पौधे भी सड़कों पर लगाए गए।इसमें मेरीगोल्ड,जाफरी, विंका, इक्सोरा, मउसानदा, कुल्फ़ा, पोर्टुलका, टेकोमा व जास्मिन आदि शामिल हैं। इसके साथ ही विभिन्न प्रकार के पत्तेदार पौधे भी लगाए गए थे।
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उसमें ऐरेका पाम, रफीस पाम, फायकस पांडा, फायकस बेंजमिना, टपिओका, सांग आफ इंडिया, कोचीए, मौलश्री, फन पाम, सिंगोनियम आदि शामिल हैं। लोक निर्माण विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हमारे गमले अधिकतर बड़े और वजन वाले हैं, इसलिए लोग इनकी चोरी नहीं कर सके हैं। कुछ स्थानों पर छोटे गमले थे, इनमें कुछ नुकसान हुआ है।