यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जेल में मुख्यमंत्री केजरीवाल, दिल्ली सरकार के सभी विभागों का काम रुक रहा; NCCSA की 14 फाइलें लटकी
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के जेल में होने के कारण दिल्ली सरकार के सभी विभागों का काम रुक रहा है। आप सरकार के मंत्री जेल से सरकार चलाने के सीएम की रण ...और पढ़ें

वीके शुक्ला, दिल्ली दिल्ली। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के जेल में होने के कारण दिल्ली सरकार के सभी विभागों का काम रुक रहा है। आप सरकार के मंत्री जेल से सरकार चलाने के सीएम की रणनीति को आगे नहीं बढ़ा सके हैं। वहीं, मुख्यमंत्री को भेजी जाने वाली फाइलों का मूवमेंट रुक गया है।
अधिकारियों की ओर से सीएम की गिरफ्तारी के बाद से सीएम कार्यालय फाइलें नहीं भेजी जा रही हैं। सरकार के एक वरिष्ठ आईएएस ने कहा कि वैसे तो रोजमर्रा के काम से संबंधित फाइलें सीएम के पास नहीं जाती हैं। मगर सीएम की गिरफ्तारी के बाद से महत्वपूर्ण फाइलें उनके कार्यालय नहीं भेजी जा रही हैं।
समस्या के हल होने का इंतजार
एक अन्य वरिष्ठ आईएएस ने कहा कि सीएम के न होने की समस्या के हल का हम लोग इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वैसे तो कोई बड़े मामले की फाइल इस दौरान आगे नहीं बढ़ी है। मगर अदालत के एक मामले में दिए गए जवाब में सीएम के दस्तखत की जगह सीएम इन कस्टडी लिखना पड़ा है, क्योंकि इसे रोका नहीं जा सकता था।
अगले वर्ष हैं विधानसभा चुनाव
दिल्ली की आप सरकार के इस कार्यकाल का यह अंतिम वर्ष है। अगले विधानसभा चुनाव के लिए अब सिर्फ 11 माह बचे हैं। लोकसभा चुनाव के सम्पन्न होने के बाद आप दिल्ली विधानसभा चुनाव में जुटने जा रही थी कि इसी बीच सीएम अरविंद केजरीवाल की आबकारी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तारी से आप को बड़ा झटका लगा है।
चुनावों पर पड़ेगा असर
उनकी गिरफ्तारी से लोकसभा चुनाव प्रचार तो प्रभावित तो हो ही रहा है अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर भी असर पड़ेगा। इस सब के बीच दिल्ली सरकार का काम भी प्रभावित हो रहा है। सीएम तिहाड़ जेल में हैं और जेल से सरकार कैसे चल पाए, आम आदमी पार्टी इसका समाधान नहीं निकाल सकी है।
उधर अधिकारी जेल में सीएम के पास सरकार की फाइलें भेजेंगे, इसकी संभावना भी नहीं दिख रही है, जबकि सरकार से जुड़े किसी भी योजना या बड़े मामले में सीएम की मंजूरी जरूरी है। कैबिनेट की बैठकों की अध्यक्षता भी सीएम ही करते हैं।
सूत्रों की मानें तो दिल्ली सिविल सेवा प्राधिकरण (एनसीसीएसए) से जुड़ी 14 फाइलें सीएम के यहां भेजी गई थीं मगर सीएम की गिरफ्तारी के चलते वह वापस नहीं आ सकी हैं। उसमें एक फाइल बाबा साहेब आंबेडकर अस्पताल में यौन शोषण के आरोपी डॉक्टर पर कार्रवाई की भी थी, वह फाइल भी बीच में रह गई है। सूत्रों का कहना है कि राज निवास में जो फाइलें भेजी गई थीं वे भी वहां से सरकार को नहीं भेजी जा पा रही हैं, क्योंकि सीएम जेल में हैं।

