यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 17, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Delhi: सड़कों के रखरखाव को बनीं सरकार की 2 योजना फेल, तीसरी पर मंथन; PWD ने आतिशी संग प्रस्ताव पर किया विचार
पीडब्ल्यूडी द्वारा पूरी दिल्ली में विकसित की जा रहीं सड़कों से संबंधित सुविधाओं के रखरखाव के लिए अब अलग-अलग एजेंसी निर्धारित होंगी। फुटपाथ हरियाली और ...और पढ़ें

HighLights
- सड़कों के रखरखाव को बनीं सरकार की 2 योजना फेल
- तीसरी योजना पर विचार कर रहा है PWD
- विभाग ने PWD मंत्री संग प्रस्ताव पर किया विचार
नई दिल्ली, वी के शुक्ला। पीडब्ल्यूडी द्वारा पूरी दिल्ली में विकसित की जा रहीं सड़कों से संबंधित सुविधाओं के रखरखाव के लिए अब अलग-अलग एजेंसी निर्धारित होंगी। फुटपाथ, हरियाली और सड़कों की मरम्मत और गड्ढों के लिए अलग एजेंसी काम करेंगी।
इसके तहत पीडब्ल्यूडी के जनकपुरी सब-डिवीजन में पायलट प्रोजक्ट पर काम होगा। इससे पहले तीनों काम के लिए एक ही कंपनी लगाने की योजना पर काम हो रहा था। पर अब पीडब्ल्यूडी नए प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। सरकार ने पिछले वर्ष पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत आने वाली 1,400 किमी लंबी सड़कों के पुनर्विकास की योजना बनाई थी। रखरखाव भी इसी कंपनी को करना था। योजना पर 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान था।
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भारी-भरकम बजट की वजह से आगे बढ़ी योजना
इस पर काम करने की बात की जा रही थी। फरवरी में मुख्यमंत्री ने इस योजना की घोषणा भी की थी। सरकार इस महत्वाकांक्षी योजना को तेजी से आगे बढ़ाना चाहती थी। योजना में एक ही कंपनी को सड़कों से संबंधित सभी काम देने की बात की जा रही थी, लेकिन भारी-भरकम बजट के कारण योजना आगे नहीं बढ़ सकी।

इसके बाद दूसरी योजना के तहत सड़कों के रखरखाव के साथ सड़क बनाने के काम में निजी कंपनी की हिस्सेदारी पर विचार किया गया, लेकिन यह योजना भी सिरे नहीं चढ़ सकी।
PWD के प्रस्ताव पर मंत्री ने की चर्चा
अब इस मामले में सरकार नए सिरे से विचार कर रही है, जिसके तहत सड़कों से संबंधित कार्यों के लिए अलग-अलग एजेंसी लगाने की बात सामने आई है। पीडब्ल्यूडी ने इस प्रस्ताव को लेकर विभाग की मंत्री आतिशी के साथ चर्चा भी की है।
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मंत्री ने डिटेल प्रोजेक्ट बनाकर प्रेजेंटेशन देने के लिए कहा है। इसके तहत जनकपुरी सब-डिवीजन में योजना का पायलट प्राेजेक्ट शुरू करने की बात कही गई है। इसकी सफलता के बाद इसे पूरी दिल्ली में लागू करने पर बात की जाएगी।