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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 05, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Yasin Malik News: यासीन मलिक पर अब इस तारीख को सुनवाई करेगा दिल्ली हाईकोर्ट, NIA ने की है फांसी की मांग

    By Jagran NewsEdited By: Geetarjun
    Updated: Tue, 05 Dec 2023 04:07 PM (IST)

    हाईकोर्ट ने मंगलवार को कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक के लिए टेरर फंडिंग केस में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा मौत की सजा की मांग करने वाली या ...और पढ़ें

    यासीन मलिक पर अब इस तारीख को सुनवाई करेगा दिल्ली हाईकोर्ट।
    यासीन मलिक पर अब इस तारीख को सुनवाई करेगा दिल्ली हाईकोर्ट।

    HighLights

    1. कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक को NIA ने की फांसी की सजा देने की मांग।
    2. कोर्ट ने अगली सुनवाई में यासीन मलिक को वर्चुअली पेश करने का दिया निर्देश।

    पीटीआई, नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक के लिए टेरर फंडिंग केस में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा मौत की सजा की मांग करने वाली याचिका को 14 फरवरी के लिए सूचीबद्ध कर दिया है। जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के प्रमुख यासीन मलिक की ओर से कोर्ट में कोई भी पेश नहीं हुआ। कोर्ट ने यासीन मलिका को अगली सुनवाई के दौरान कोर्ट में वर्चुअली पेश करने का निर्देश दिया है।

    यासीन फिलहाल आजीवान कारावास की सजा काट रहा है। न्यायाधीश सुरेश कुमार कैट और शैलिंदर कौर ने मामले में 14 फरवरी तक के लिए सुनवाई टाल दी है।

    29 मई को हाईकोर्ट ने यासीन मलिक को एनआईए द्वारा मौत की सजा की मांग करने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया था, साथ ही कहा था कि अगली सुनवाई में कोर्ट में मौजूद रहने को कहा था।

    जेल अधिकारी एक आवेदन दाखिल कर कोर्ट से मांग की थी कि वह उसे वर्चुअली (वीडियो कॉन्फ्रेंस) के जरिए पेश होने का आदेश दिया जाए, क्योंकि वह हाई रिस्क कैदी की श्रेणी में आता है। इसलिए सार्वजनिक व्यवस्था और उसकी सुरक्षा को देखते हुए वह शारीरिक रूप से कोर्ट में पेश नहीं हो सकता है। कोर्ट ने उसे वर्चुअली पेश होने का आदेश दिया था।

    दिल्ली की एक निचली अदालत ने 24 मई, 2022 को मलिक कड़े गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और आईपीसी के तहत विभिन्न अपराधों के लिए दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।