यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 09, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
शिव पुरी या शिव विहार, क्या होगा दिल्ली के मुस्तफाबाद का नया नाम? BJP नेता मोहन सिंह बिष्ट ने कर दिया एलान
Mustafabad New Name दिल्ली के मुस्तफाबाद का नाम बदलने की चर्चा लंबे समय से चल रही थी। इसी कड़ी में मुस्तफाबाद विधानसभा सीट से जीते भाजपा नेता मोहन सिं ...और पढ़ें

HighLights
- इससे पहले करावल नगर से विधायक रहे मोहन सिंह बिष्ट
- इस बार पार्टी ने मुस्तफाबाद से दिया था टिकट
- दिल्ली चुनाव में भाजपा को 48 और आप को मिली 22 सीटों पर जीत
एएनआई, नई दिल्ली। Mustafabad New Name : राजधानी दिल्ली के मुस्तफाबाद (Mustafabad) का नाम बदला जाएगा। भाजपा के मुस्तफाबाद सीट से विजयी उम्मीदवार मोहन सिंह बिष्ट ने रविवार को इसका एलान किया है। मोहन सिंह बिष्ट कहा कि चुनाव से पहले ही मैंने यह वादा किया था।
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होनें कहा, "...मैंने कहा था कि अगर मैं जीता तो मुस्तफाबाद का नाम बदलकर शिव पुरी या शिव विहार रख दूंगा और मैं ऐसा करूंगा।"
#WATCH | Delhi | BJP winning candidate from Mustafabad seat, Mohan Singh Bisht says, "...I had said that if I win I'll change the name of Mustafabad to Shiv Puri or Shiv Vihar... I'll do it..." pic.twitter.com/N1jNKalc9T
— ANI (@ANI) February 9, 2025
मोहन सिंह बिष्ट ने AAP के आदिल अहमद खान को हराया
बता दें कि मुस्तफाबाद का नाम बदलना इस सीट पर मुख्य चुनावी मुद्दों में शामिल रहा। पार्टी ने करावल नगर से मोहन सिंह बिष्ट का टिकट काटकर इस बार मुस्तफाबाद से प्रत्याशी बनाया था। उन्होंने पार्टी की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए जीत का परचम लहराया।
मोहन सिंह बिष्ट ने 17578 वोटों के अंतर से आम आदमी पार्टी के आदिल अहमद खान को पराजित किया। मोहन सिंह बिष्ट को कुल 85215 वोट मिले जबकि आम आदमी पार्टी के आदिल अहमद खान 67637 वोट मिले। वहीं, तीसरे नंबर पर रहे एआईएमआईएम के प्रत्याशी ताहिर हुसैन को 33474 वोट मिले।
हिंदू वोट एकजुट करने में कामयाब रहे गृह मंत्री अमित शाह
मुस्तफाबाद क्षेत्र में करीब 52 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता हैं। वर्ष 2020 दंगे के मुख्य आरोपित ताहिर हुसैन ने एआईएमआईएम से यहां से चुनाव में ताल ठोकी। उधर, भाजपा ने पांच बार के विधायक मोहन सिंह बिष्ट का करावल नगर से टिकट काटकर यहां रण में उतारा। यह सीट वर्ष 2020 में आप ने जीती थी।
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मुस्तफाबाद में अमित शाह की रैली के दौरान बड़ी संख्या में लोग जुटे थे।
ताहिर के आने से बदले समीकरण
इस सीट पर गृहमंत्री अमित शाह ने जनसभा करके हिंदू मतदाताओं को एकजुट किया। उधर मुस्लिम मतदाता इस सीट पर बंट गए। जिसका पूरा फायदा भाजपा को मिला, जिसकी बदौलत वह सीट जीती। यहां मुस्लिम एमआइएम व आम आदमी पार्टी में बंटे। लोगों का कहना है अगर ताहिर जेल से बाहर नहीं आता तो मुस्लिम वोट नहीं बंटते।