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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 17, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Diesel Vehicle Ban: जहरीले धुंध की चादर लिपटी दिल्ली, डीजल वाहनों पर बैन समेत लागू हैं कई प्रतिबंध; फिर भी नहीं मिल रही राहत

    By Jagran NewsEdited By: Narender Sanwariya
    Updated: Sat, 18 Nov 2023 03:24 PM (IST)

    Delhi Diesel Vehicle Ban दिल्ली समेत एनसीआर (NCT) की हवा सांस लेने लायक नहीं रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार ...और पढ़ें

    Delhi NCR Air Quality: प्रदूषण की चादर में लिपटी रही दिल्ली, NCR सांस लेने लायक नहीं। (प्रतीकात्मक चित्र)
    Delhi NCR Air Quality: प्रदूषण की चादर में लिपटी रही दिल्ली, NCR सांस लेने लायक नहीं। (प्रतीकात्मक चित्र)

    HighLights

    1. दिल्ली हवा की गुणवत्ता गंभीर, छह इलाकों में प्रदूषण खतरनाक
    2. इस माह अब तक आठ दिन 400 से अधिक रहा है एयर इंडेक्स
    3. प्रदूषण में धुएं की भागीदारी रही 28 प्रतिशत

    राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। राजधानी में स्मॉग और कोहरे के कारण वातावरण में प्रदूषक तत्वों की चादर मोटी हो गई है। इस वजह से दिल्ली पूरे दिन प्रदूषण की चादर में लिपटी है। इससे प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है।

    इस वजह से बृहस्पतिवार और शुक्रवार के बाद शनिवार को भी दिल्ली में AQI कई इलाकों में गंभीर श्रेणी में है। लिहाजा इस माह अब तक आठ दिन एयर इंडेक्स 400 से अधिक रह चुका है।

    दिल्ली में ग्रेप-4 लागू है जिसके तहत डीजल वाहनों पर बैन (Diesel Vehicle Ban) समेत दिल्ली में कई प्रतिबंध लागू हैं लेकिन इससे भी दिल्ली की हवा में सुधार नहीं हो रहा।

    वायु गुणवत्ता का स्तर 500 के पार

    केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार को सुबह वायु गुणवत्ता का स्तर 500 के पार चला गया है। आनंद विहार में एक्यूआई 447, आरके पुरम में 469, पंजाबी बाग में 484 और आईटीओ में 445 रहा। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी कुछ दिनों में दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के साथ साथ कोहरा भी छाने लगेगा।

    दिल्ली में ग्रेप-4 के बावजूद घुस रहे डीजल वाहन

    दिल्ली के श्रम मंत्री राज कुमार आनंद ने 14 नवंबर को कहा था कि ग्रेप का चौथा चरण लागू होने और डीजल वाहनों के दिल्ली (diesel vehicles delhi) में बैन होने के बाद भी ऐसे वाहन शहर में प्रवेश कर रहे हैं। यह बात उन्होंने सिंघु बॉर्डर (singhu border) के निरीक्षण के बाद कही।

    ग्रेप-4 के नियमों के अनुसार बीएस-3 पेट्रोल (bs3 petrol) और बीएस-4 डीजल (bs4 diesel) वाहन में बैन (ban of diesel vehicles) हैं। निरीक्षण के दौरान राज कुमार आनंद ने पाया कि हरियाणा से दिल्ली में लगातार डीजल वाहन (delhi diesel vehicles) प्रवेश कर रहे हैं और नियमों को तार-तार कर रहे हैं।

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    श्रम मंत्री ने ये भी पाया था कि हरियाणा और यूपी से दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहन राजधानी का प्रदूषण (delhi diesel vehicles) बढ़ा रहे हैं। इसके बाद संबंधित जिलाधिकारियों को पोस्टर, बैनर व अन्य माध्यमों से लोगों को जागरूक करने को कहा गया था।

    450 से अधिक रहा प्रदूषण का स्तर

    गुरुवार को मुंडका, नेहरू नगर, पंजाबी बाग, जहांगीपुरी, वजीरपुर व द्वारका सेक्टर में एयर इंडेक्स 450 से अधिक पहुंच गया। इससे इन छह जगहों पर हवा की गुणवत्ता खतरनाक श्रेणी में रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार हवा की दिशा में परिवर्तन होने एयर इंडेक्स थोड़ा कम होने की संभावना। फिर भी प्रदूषण से अगले छह दिन खास राहत नहीं मिलने वाली है।

    प्रदूषण में धुएं की भागीदारी

    आने वाले कुछ दिनों तक दिल्ली में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में बनी रहेगी। सीपीसीबी द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, गुरवार को दिल्ली का एयर इंडेक्स 419 रहा जो गंभीर श्रेणी में है। एक दिन पहले दिल्ली का एयर इंडेक्स 401 रहा था। इसके मुकाबले एयर इंडेक्स में 18 अंकों की बढ़ोतरी हुई। इसका कारण प्रदूषण में धुएं की भागीदारी बढ़ना है।

    दिल्ली में प्रदूषण के लिए कौन जिम्मेदार

    दिल्ली सरकार और आइआइटी कानपुर द्वारा मिलकर शुरू किए गए आर-आसान पोर्टल के अनुसार बृहस्पतिवार को प्रदूषण में धुएं की भागीदारी 28 प्रतिशत रही। यह धुआं पराली, लकड़ी इत्यादि जलाने के कारण वातावरण में फैला।

    दिल्ली में प्रदूषण के लिए जिम्मेदार स्रोतों के रियल टाइम के आंकड़े बताते हैं कि दिन चढ़ने के साथ प्रदूषण में धुएं की हिस्सेदारी बढ़ती चली गई। दिन में 11 बजे प्रदूषण में धुएं की हिस्सेदारी 45 प्रतिशत तक पहुंच गई थी और शाम चार बजे भी प्रदूषण में धुएं की हिस्सेदारी 37 प्रतिशत थी।

    हवा की गुणवत्ता खतरनाक

    सीपीसीबी की रिपोर्ट के अनुसार, एनसीआर में फरीदाबाद सबसे अधिक प्रदूषित रहा। वहां एयर इंडेक्स 424 दर्ज किया गया जो गंभीर श्रेणी में है। इसके अलावा एनसीआर के अन्य प्रमुख शहरों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में रही। सीपीसीबी के अनुसार इस माह अब 16 दिनों में दिल्ली में अब तक तीन दिन हवा की गुणवत्ता खराब, पांच दिन बहुत खराब, छह दिन दिन हवा की गुणवत्ता गंभीर और दो दिन हवा की गुणवत्ता खतरनाक श्रेणी में रही है।

    एनसीआर में एयर क्वालिटी इंडेक्स

    • दिल्ली- 419
    • फरीदाबाद- 424
    • गाजियाबाद- 376
    • ग्रेटर नोएडा- 340
    • गुरुग्राम- 363
    • नोएडा- 355

    दिल्ली में बृहस्पतिवार को सबसे प्रदूषित जगह

    • मुंडका- 468 
    • हरि नगर- 460
    • पंजाबी बाग- 459
    • जहांगीपुरी- 458
    • वजीरपुरी- 457
    • द्वारका सेक्टर आठ- 454
    • आइजीआइ एयरपोर्ट- 446
    • आरके पुरम- 444
    • नरेला- 443
    • अलीपुर- 440
    • आइटीओ- 440

    इन इलाकों में 400 से कम रहा एयर इंडेक्स

    • शादीपुर- 386
    • लोधी रोड- 367
    • अशोक विहार- 375
    • विवेक विहार- 366

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