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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 01, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दिल्ली-NCR के कई इलाकों में ठंडी हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश, जून के मौसम में फरवरी का एहसास

By Jagran NewsEdited By: Pooja Tripathi
Published: Thu, 01 Jun 2023 10:09 AM (IST)Updated: Thu, 01 Jun 2023 11:16 AM (IST)

Delhi/NCR | IMD Weather Forecast दिल्ली एनसीआर में सुबह से ही हल्की धुंध छाई हुई है और ठंडी हवाएं चल ...और पढ़ें

दिल्ली-एनसीआर में सुबह से छाई हल्की धुंध।
दिल्ली-एनसीआर में सुबह से छाई हल्की धुंध।

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। Delhi Weather : आज से जून का महीना शुरू हो रहा है और मई की तरह ही लगता है ये महीना भी कूल-कूल ही गुजरेगा। कम से कम आज सुबह से जैसा हाल है उसे देखकर और मौसम विभाग के पूर्वानुमान से तो यही लग रहा है। वहीं नोएडा सहित दिल्ली के कुछ इलाकों में हल्की बारिश शुरू हो गई है। 

दिल्ली और आसपास के इलाकों में आज सुबह से ही हल्की धुंध छाई हुई थी और ठंडी हवाएं चल रही थी। इससे मौसम काफी सुहाना बना हुआ है। ऐसा लग ही नहीं रहा कि जून महीना चल रहा है बल्कि मौसम फरवरी का एहसास दिला रहा है।

दिल्ली-एनसीआर में धुंध की वजह बारिश बताई जा रही है। कहा जा रहा है कि आसपास के इलाकों में बारिश हुई है जिसके चलते यहां हल्की धुंध की चादर छा गई है। जब धूप होगी तो यह धुंध खुद छंट जाएगी।

36 वर्षों में सबसे ठंडा रहा इस बार मई का महीना

इसे जलवायु परिवर्तन का असर कहें या पश्चिमी विक्षोभों की अधिकता लेकिन इस बार मई का महीना 36 वर्षों में सबसे ठंडा रहा है। भीषण गर्मी के लिए पहचाने वाले इस महीने में अबकी बार केवल नौ दिन अधिकतम तापमान 40 डिग्री से ऊपर रहा। एक भी दिन लू नहीं चली। कुछ क्षेत्रों में दो दिन के लिए लू चलने की स्थिति बनी।

1987 के बाद सबसे कम रहा तापमान

मई में आमतौर पर औसत अधिकतम तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस रहता है। इस बार यह लगभग तीन डिग्री कम 36.8 डिग्री सेल्सियस रहा है, जो 1987 के बाद सबसे कम है। 1987 में यह 36.0 डिग्री सेल्सियस रहा था। वर्ष 2008 में यह 37.0 डिग्री, जबकि 2021 में 37.5 डिग्री दर्ज हुआ था।

14 साल में चौथी सबसे अधिक वर्षा

इस बार मई में 111 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो कि 30.7 मिमी के मासिक औसत से 262 प्रतिशत अधिक है। 2008 में 165 मिमी, 2021 में 144.8 मिमी और 2002 में 129.3 मिमी के बाद 14 साल में यह इस माह की चौथी सर्वाधिक बरसात है।

अधिक पश्चिमी विक्षोभों को बताया वजह

मौसम विभाग के क्षेत्रीय पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा, आमतौर पर अप्रैल और मई में उत्तरी मैदानी इलाकों में पांच से छह पश्चिमी विक्षोभ दर्ज किए जाते हैं। जबकि इस बार 10 मजबूत पश्चिमी विक्षोभ आए हैं। यह असामान्य है। लेकिन आंकडों के अभाव में इसे जलवायु परिवर्तन से नहीं जोड़ा जा सकता। ऐसी कोई निश्चित प्रवृत्ति नहीं है।

बुधवार को पहले अल सुबह, फिर शाम को हुई तेज वर्षा

बुधवार को पहले अल सुबह तेज हवा के साथ वर्षा हुई, फिर शाम के समय भी ऐसी ही स्थिति बनी। इस बीच दिन में सूरज और बादलों के बीच लुकाछिपी चलती रही। अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया, जो सामान्य से आठ डिग्री कम है। जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से छह डिग्री कम 20.5 डिग्री रहा। हवा में नमी का स्तर 100 से 48 प्रतिशत तक रहा। रिज क्षेत्र का न्यूनतम तापमान सबसे कम 17.2 डिग्री रिकार्ड किया गया।