यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 16, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Delhi New CM: दिल्ली के मुख्यमंत्री का नाम कल होगा फाइनल, 18 फरवरी को रामलीला मैदान में हो सकती है शपथ!
18 फरवरी को दिल्ली के नए मुख्यमंत्री रामलीला मैदान में शपथ ले सकते हैं। भाजपा विधायक दल की बैठक 17 फरवरी को होगी। इस समारोह में बीजेपी के कई दिग्गज ने ...और पढ़ें

HighLights
- 17 फरवरी को होगी दिल्ली बीजेपी विधायक दल की बैठक: सूत्र
- 18 फरवरी को रामलीला मैदान में हो सकता है शपथ ग्रहण समारोह: सूत्र
एएनआई, नई दिल्ली। दिल्ली में नई सरकार के गठन को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक 18 फरवरी को नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण हो सकता है। जानकारी के मुताबिक यह समारोह रामलीला मैदान में होगा, जिसमें बीजेपी के कई दिग्गज नेता मौजूद रहेंगे। बता दें, न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि 17 फरवरी को ही भाजपा विधायक दल की बैठक होगी।
रामलीला मैदान नई दिल्ली का एक विशाल मैदान है, जिसमें परम्परागत रूप से रामलीला का आयोजन होता आया है। यह मैदान धार्मिक त्योहारों, प्रमुख राजनैतिक रैलियों/बैठकों, तथा मनोरंजन के कार्यक्रमों के लिये भी उपयोग में लाया जाता है। यह नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और दिल्ली गेट के पास स्थित है। यहां पर भारी संख्या में लोग आते हैं। इसकी क्षमता 1 लाख तक है।
भाजपा दिल्ली विधायक दल की बैठक कल 17 फरवरी को दोपहर 3 बजे दिल्ली भाजपा प्रदेश कार्यालय में होगी: सूत्र
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 16, 2025
नए सीएम का चुनाव 48 विधायकों में से ही होगा
छठी बार विधायक बने मोहन सिंह बिष्ट ने कहा कि दिल्ली के नए मुख्यमंत्री का चुनाव 48 भाजपा विधायकों में से किया जाएगा। मुस्तफाबाद विधायक ने अल्पसंख्यक बहुल निर्वाचन क्षेत्र का नाम बदलकर शिव विहार या शिव पुरी करने के अपने प्रस्ताव को भी दोहराया। वरिष्ठ भाजपा विधायक ने कहा कि एक समुदाय (अल्पसंख्यक) के लगभग 42 प्रतिशत लोग हैं और दूसरी ओर 58 प्रतिशत लोग (हिंदू) हैं।इसलिए, जनता की भावना का सम्मान किया जाना चाहिए।
27 साल बाद दिल्ली की सत्ता में वापसी
बता दें, दिल्ली में लगभग 27 सालों बाद भाजपा को सत्ता मिली है। विधानसभा की 70 सीटों में से 48 सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की। जबकि आम आदमी पार्टी को सिर्फ 22 सीटें ही मिली हैं। वहीं पर कांग्रेस का लगातार तीसरी बार खाता नहीं खुला। बीजेपी के सामने सरकार गठन के साथ ही कई चुनौतियां खड़ी हैं। आम आदमी पार्टी ने कहा है कि वह यह सुनिश्चित करेगी की बीजेपी सभी वादों को पूरा करे।