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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 18, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Delhi News: अधिकारी को हटाने के लिए कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज को लिखा पत्र, ये है आरोप

    By Jagran NewsEdited By: Paras Pandey
    Updated: Mon, 18 Sep 2023 05:43 AM (IST)

    दिल्ली सरकार के सेवा विभाग ने आरोपित अधिकारी के बारे में आगाह करते हुए अपने सचिव को हटाने के बारे में विभागीय मंत्री से विचार करने का अनुरोध किया है। ...और पढ़ें

    मंत्री से आरोपित अधिकारी को सचिव पद से हटाने का अनुरोध
    मंत्री से आरोपित अधिकारी को सचिव पद से हटाने का अनुरोध

    नई दिल्ली,राज्य ब्यूरो। दिल्ली सरकार के सेवा विभाग ने आरोपित अधिकारी के बारे में आगाह करते हुए अपने सचिव को हटाने के बारे में विभागीय मंत्री से विचार करने का अनुरोध किया है। विभाग ने कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज को लिखे पत्र में उनके सचिव के खिलाफ सीबीआइ जांच आदि के बारे में जानकारी दी है। इस बारे में सरकार की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है। 

    सेवा विभाग द्वारा मंत्री को लिखे पत्र में कहा गया है कि उनके सचिव पर एनडीएमसी में उनके पिछले कार्यकाल के दौरान कदाचार के आरोप हैं। जल, स्वास्थ्य, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण और शहरी विकास जैसे कई विभाग संभालने वाले भारद्वाज को भेजे पत्र में विभाग ने उनके सचिव ओपी मिश्रा के कदाचार की पिछली घटनाओं पर प्रकाश डाला है।

    पत्र के अनुसार सीबीआइ ने अपनी रिपोर्ट 24 जनवरी, 2022 को एनडीएमसी को एक नोट के साथ सौंपी थी, जिसके तहत सीबीआइ ने एनडीएमसी को सूचित किया कि एजेंसी के सक्षम प्राधिकारी ने एनडीएमसी के पार्किंग स्थल का संचालन डीआइएमटीएस को सौंपने के लिए ओपी मिश्रा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की है। 

    इसमें कहा गया है कि बिना एनडीएमसी की परिषद की मंजूरी के यह काम इसे दे दिया गया। दानिक्स अधिकारी मिश्रा वर्तमान में मंत्री सौरभ भारद्वाज के सचिव हैं। सेवा विभाग ने कहा है कि इन अधिकारी पर गंभीर प्रकृति के आरोप हैं। ये सीबीआइ, गृह मंत्रालय और दिल्ली सरकार के सतर्कता विभाग जैसे कई अधिकारियों द्वारा की जा रही जांच के घेरे में हैं।

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    इसलिए अनुरोध है कि इस पर विचार करें कि 1995 बैच के दानिक्स अधिकारी ओपी मिश्रा की सेवाओं को जारी रखा जाए या उन्हें हटाया जाए। मंत्री से कहा गया है कि इनकी जगह पर किसी अन्य उपयुक्त अधिकारी को तैनात किया जा सकता है।