यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 16, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Delhi: महिलाओं की सुरक्षा के लिए खोले गए पिंक बूथ का डेढ़ साल में हाल-बेहाल, दिन में भी लगा रहता है ताला
दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने व उनकी समस्याओं के समाधान के लिए करीब डेढ़ वर्ष पहले खोले गए अधिकतर पिंक बूथ खस्ताहाल हैं। पूर्व ...और पढ़ें

HighLights
- पिंक बूथों को महज डेढ़ साल में हाल खराब
- दिन के वक्त भी लगा रहता है ताला
राकेश कुमार सिंह, नई दिल्ली। दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने व उनकी समस्याओं के समाधान के लिए करीब डेढ़ वर्ष पहले खोले गए अधिकतर पिंक बूथ खस्ताहाल हैं।
पूर्व पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना के कार्यकाल में सभी 15 जिलों के डीसीपी में पिंक बूथ खोलने की होड़ लग गई थी। कई जगह पर नए पिंक बूथ बनाए गए थे तो कुछ जगहों पर पहले से बने बूथों का सुंदरीकरण कर उसे पिंक बूथ का रूप दे दिया गया था।
अधिकतर बूथों का तत्कालीन पुलिस आयुक्त ने ही उदघाटन किया था। सभी बूथों में महिला व पुरुष पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई थी। इसमें महिला कर्मियों की संख्या अधिक होती है।
बूथों में पुलिसकर्मियों के अलावा शिकायतकर्ता महिलाओं के बैठने के लिए कुर्सियां, शिकायत दर्ज करने के लिए कंप्यूटर सिस्टम व पीने के पानी आदि की व्यवस्था की गई थी। महिला पुलिसकर्मियों को थानों से मुहैया कराई गई स्कूटी व उनके हेलमेट के रंग को भी पिंक कर दिया गया था। दावे किए गए थे कि पिंक बूथों में 24 घंटे एक न एक महिला कर्मी की तैनाती रहेगी, लेकिन जुलाई 2022 में अस्थाना के सेवानिवृत्त होते ही पिंक बूथों में ताले लगने शुरू हो गए।
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मौजूदा हालात यह है कि अधिकतर पिंक बूथ या तो बंद मिलते हैं। वहां रात तो दूर की बात दिन में भी ताले लगे होते हैं। कुछ बूथों में महिला व पुरुष पुलिसकर्मियों की मौजूदगी रहती तो है, लेकिन बूथों में इस तरह की व्यवस्था नहीं है कि वहां महिलाएं यह सोचकर जाएं कि वहां उनकी समस्याओं का समाधान हो जाएगा। यही वजह है कि महिलाएं पिंक बूथ में शिकायत लेकर जाने से कतराती हैं।
क्या था पिंक बूथ खोलने का मकसद
- पुलिस अधिकारी की मानें तो इस बूथ को खोलने का यह बड़ा मकसद यह भी था कि महिला पुलिसकर्मी लोगों के बीच रहकर महिलाओं की समस्याओं को समझे व उसे दूर करने की कोशिश करें।
- महिलाओं को सुरक्षित महसूस कराने और उनके लिए खास इंतजाम करने के लिए पिंक बूथ खोला गया था।
- कनॉट प्लेस के जनपथ मार्केट, माता सुंदरी कालेज, करोलबाग आदि ऐसे जगहों पर पिंक बूथ खोले गए थे जहां लड़कियों व महिलाओं की आवाजाही अधिक रहती है।
लड़कियां व महिलाएं छेड़खानी आदि की शिकायत लेकर थाने जाने से हिचकती है। पिंक बूथ इसलिए खोला गया था कि वहां महिलाएं व बुजुर्ग महिला पास के पिंक बूथों में जाकर खुल कर अपनी समस्याएं रखें और महिला पुलिसकर्मी उनकी समस्याओं का तुरंत समाधान कर दें।
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यह भी मकसद था कि कोई भी लड़की व महिलाएं, पुलिसकर्मियों को वहां की स्थिति के बारे में सुझाव दे सके। इसलिए हर थाने के इलाके में एक-एक पिंक बूथ खोला था। जनपथ मार्केट, माता सुंदरी कॉलेज व करोलबाग आदि जगहों पर खोले गए पिंक बूथों में केवल महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती के दावे किए गए थे।
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