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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    अब UPSC अभ्यर्थियों का तनाव होगा दूर? दिल्ली पुलिस ने शुरू की ये नई पहल

    Updated: Tue, 25 Mar 2025 08:15 PM (IST)

    दिल्ली पुलिस ने यूपीएससी की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए ओल्ड राजेंद्र नगर में एक पुलिस सहायता बूथ शुरू किया है। इस बूथ पर गंगा राम अस्पताल के मनोचिकि ...और पढ़ें

    Delhi News: यूपीएससी अभ्यर्थियों के लिए दिल्ली पुलिस का सराहनीय कदम। फाइल फोटो
    Delhi News: यूपीएससी अभ्यर्थियों के लिए दिल्ली पुलिस का सराहनीय कदम। फाइल फोटो

    HighLights

    1. हाल ही में शुरू पुलिस सहायता बूथ में गंगा राम अस्पताल के मनोचिकित्सक प्रतिदिन कर रहे काउंसलिंग।
    2. अभ्यर्थियों की ओर से सबसे अधिक अकेलापन और करियर की चिंताओं को लेकर आ रहे सवाल।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। घर से दूर पीजी में रहकर यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों की आत्महत्या करने की खबरें आए दिन आती रहती हैं। आत्महत्या के पीछे इन अभियर्थियों का अकेलापन, मानसिक तनाव, परीक्षा में असफल होना आदि मुख्य कारण हैं।

    इसी समस्या को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने ओल्ड राजेंद्र नगर में पुलिस सहायता बूथ की शुरुआत की है, जिसमें गंगा राम अस्पताल के मनोचिकित्सक प्रतिदिन यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों की काउंसलिंग कर रहे हैं।

    सता रहीं ये चिंताएं

    बूथ पर प्रतिदिन शाम पांच बजे से छह बजे के बीच अभ्यर्थियों को करियर और मानसिक समस्याओं से जुड़े अवसाद से उबारने के लिए एक मनोचिकित्सक भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इस दौरान अभ्यर्थियों की ओर से जो सबसे अधिक समस्याएं सामने आ रही हैं, उनमें अकेलापन करियर को लेकर चिंताएं शामिल हैं।

    इन्हीं चिंताओं को दूर करने के उद्देश्य से स्थानीय छात्र पारिवारिक, मानसिक, एकेडमिक तनावों समेत सभी तरह के मनोवैज्ञानिक समस्याओं की चर्चा मनोचिकित्सकों से करके उनसे उचित सलाह ले रहे हैं।

    बिना समय गंवाए अपनी बात पुलिस तक पहुंचा सकें छात्र

    बीते वर्ष राव कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में यूपीएससी की तैयारी कर रहे तीन छात्रों की दर्दनाक मौत के बाद धरने पर बैठे अभ्यर्थियों ने ओल्ड राजेंद्र नगर में पुलिस सहायता बूथ बनाने की मांग पुलिस और प्रशासन के समक्ष रखी थी, जिससे छात्र बिना समय गंवाए अपनी बात पुलिस तक पहुंचा सकें।

    छात्रों की मांग के आधार पर जिला पुलिस उपायुक्त एम हर्षवर्धन ने 20 मार्च को बूथ का लोकार्पण किया था। इस दौरान उन्होंने छात्रों से आपस में एक-दूसरे को पुलिस बूथ के बारे में जानकारी देने की अपील की थी, जिससे ज्यादा से ज्यादा छात्राओं की समस्याएं आसानी से सुलझाई जा सकें।

    खबरें और भी

    इसके परिणाम देखने को भी मिलने लगे हैं, क्योंकि बूथ की शुरुआत के बाद गत दिनों में कुछ अभ्यर्थियों ने यहां उपलब्ध सेवाओं का लाभ उठाकर मामूली विवाद सुलझाए भी हैं।

    24 घंटे उपलब्ध रहेंगे पुलिसकर्मी

    बूथ में अभ्यर्थियों की समस्याओं को सुलझाने के लिए 24 घंटे एक उप निरीक्षक, एक हेडकांस्टेबल और एक महिला पुलिस की व्यवस्था की गई है। इन पुलिसकर्मियों से छात्र सीधे बूथ में जाकर मिल सकते हैं। इससे छात्रों के मकान मालिकों, कोचिंग संचालकों, पुस्तकालय संचालकों और अन्य स्थानीय लोगों से होने वाले विवादों को तत्काल प्रभाव से बूथ पर जाकर ही सुलझाया जा सकेगा।

    पहले मामूली विवादों पर छात्र पुलिस को पीसीआर काल करके संपर्क करते थे। उसमें काल करने और पीसीआर आने के बाद कई बार कार्रवाई होती थी और कभी नहीं भी होती थी। इसके चलते विवादों को उचित समाधान नहीं निकल पाता था। इस दौड़ भाग में पढ़ाई का भी काफी नुकसान हो जाता था।

    मामलों की निगरानी कर रहे वरिष्ठ अधिकारी

    पुलिस सहायता बूथ की खास बात यह है कि इसमें तैनात पुलिसकर्मी बूथ पर पूरे दिन में आने वाले मामलों की सीधी रिपोर्ट स्थानीय थाने के बजाय मध्य जिला पुलिस उपायुक्त कार्यालय में भी भेज रहे हैं। इससे बूथ पर आने वाले मामलों की सीधी निगरानी जिले के वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर उचित निर्देश भी दे रहे हैं।

    मूल रूप से बिहार के दरभंगा का रहने वाला हूं। बचपन से ही अधिकार बनकर देश की सेवा करने का सपना था। परिजन छोटी-मोटी नौकरी कर गांव में ही रहने का दबाव बना रहे थे। सब कुछ छोड़कर यूपीएससी की तैयारी करने दिल्ली आ गया था। इससे नाराज पिछले 12 से माता-पिता से बात नहीं हुई है, जिससे काफी अवसाद में हूं। - अनुज कुमार सिंह, अभ्यर्थी

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