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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 16, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट मामले में पुलिस कोर्ट में आज दायर करेगी आरोपपत्र, बिभव कुमार की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

    Updated: Tue, 16 Jul 2024 10:11 AM (IST)

    आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद और पूर्व दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के साथ कथित तौर पर मारपीट मामले ( Swati Maliwal Case) में दिल्ल ...और पढ़ें

    Swati Maliwal: बिभव कुमार की बढ़ेगी मुश्किल। फाइल फोटो
    Swati Maliwal: बिभव कुमार की बढ़ेगी मुश्किल। फाइल फोटो

    HighLights

    1. स्वाति का कोर्ट में दिया बयान होगा आरोपपत्र का अहम साक्ष्य।
    2. मामले में दर्ज छह धाराओं के तहत दायर होगा आरोपपत्र।

     राकेश कुमार सिंह, नई दिल्ली। आप सांसद व दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष स्वाति मालीवाल (Swati Maliwal) के साथ मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के निजी सहायक बिभव कुमार द्वारा मारपीट व छेड़छाड़ करने के मामले में उत्तरी जिला पुलिस मंगलवार को तीस हजारी कोर्ट में आरोपपत्र दायर करेगी।

    13 मई को स्वाति मालीवाल पहुंची थी केजरीवाल आवास

    इस हाई प्रोफाइल मामले में त्वरित जांच कर पुलिस 60 दिन के अंदर आरोपपत्र तैयार करने में कामयाब रही है। 13 मई की सुबह करीब नौ बजे स्वाति मालीवाल कुछ महत्वपूर्ण मसलों पर केजरीवाल से बातचीत करने उनके सिविल लाइंस स्थित सरकारी आवास पर पहुंची थीं।

    15 मई को पुलिस ने दर्ज किया था केस

    तब बिभव कुमार ( Bibhav Kumar) ने डायनिंग रूम में मालीवाल की लात-घूंसों व थप्पड़ से बुरी तरह पिटाई कर दी थी। दो दिन बाद 15 मई को सिविल लाइंस थाना पुलिस ने मालीवाल के बयान के आधार पर बिभव के खिलाफ आईपीसी की पांच धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया था।

    बिभव कुमार करीब दो माह से तिहाड़ जेल में बंद

    बाद में पुलिस (Delhi Police) ने मुकदमे में साक्ष्य मिटाने की धारा भी जोड़ दी थी। बिभव कुमार करीब दो माह से तिहाड़ जेल में बंद है। उसके खिलाफ दर्ज सभी छह धाराओं में आरोपपत्र दायर किया जाएगा।

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    पुलिस अधिकारी का कहना है कि स्वाति मालीवाल के सीआरपीसी की धारा 164 के तहत तीस हजारी कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने दिए बयान को आरोपपत्र में सबसे अहम साक्ष्य के तौर पर रखा गया है।

    घटना के दौरान सीएम आवास में मौजूद दिल्ली पुलिस सुरक्षा यूनिट के पुलिसकर्मियों, विभिन्न विभागों के सरकारी कर्मचारियों, जांच से जुड़े पुलिसकर्मियों, मालीवाल की मेडिकल जांच करने वाले एम्स के डॉक्टरों व अन्य को चश्मदीद व अन्य गवाह बनाया गया है। पुलिस अधिकारी का दावा है कि पर्याप्त साक्ष्यों के साथ आरोपपत्र दायर किया जाएगा।

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