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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 05, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Delhi Pollution: दिल्ली में प्रदूषण से हालात अभी भी खराब, वाहनों को लेकर लागू हो सकता है ऑड-ईवन नियम

    By V K ShuklaEdited By: Geetarjun
    Updated: Sun, 05 Nov 2023 07:27 AM (IST)

    Delhi Pollution राजधानी दिल्ली में प्रदूषण से हालात खराब हैं। वायु गुणवत्ता सूचकांक (Air Quality Index) भी गंभीर श्रेणी में बना हुआ है। दिल्ली में वाह ...और पढ़ें

    दिल्ली में प्रदूषण से हालात अभी भी खराब, वाहनों को लेकर लागू हो सकता है ऑड-ईवन नियम
    दिल्ली में प्रदूषण से हालात अभी भी खराब, वाहनों को लेकर लागू हो सकता है ऑड-ईवन नियम

    HighLights

    1. दिल्ली सहित एनसीआर में गंभीर श्रेणी में रही हवा की।
    2. 2016 और 2019 में लागू किया जा चुका है ऑड ईवन नियम।

    राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में प्रदूषण से हालात खराब हैं। वायु गुणवत्ता सूचकांक (Air Quality Index) भी गंभीर श्रेणी में बना हुआ है। दिल्ली में वाहनों को लेकर ऑड ईवन (Odd Even) लागू हो सकता है। दिल्ली सरकार इस बारे में गंभीरता से विचार कर रही है। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि प्रदूषण का बढ़ना नहीं रुका तो इस बारे में विचार किया जाएगा।

    वहीं पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा है कि प्रदूषण एक बड़ी समस्या है, हम उन सभी संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं, जिनसे प्रदूषण रोका जा सके। इसमें ऑड-ईवन भी शामिल है।

    2019 में लागू हुआ था ऑड-ईवन

    उन्होंने कहा कि प्रदूषण को रोकना हम सभी की जिम्मेदारी है। जनता भी इसमें अपनी भूमिका निभाए। उन्होंने कहा कि कोई भी अभियान जनता के सहयोग के सफल हुआ है। बता दें कि इससे पहले 2019 में 4-15 नवंबर तक ऑड-ईवन लागू हुआ था।

    उससे पहले भी एक जनवरी से 15 जनवरी 2016 तक दिल्ली में इस फॉर्मूले का इस्तेमाल हुआ। इसके बाद 15 से 30 अप्रैल के बीच भी दिल्ली में ऑड-ईवन लगाया गया। लेकिन दोनों ही बार यह अपने मकसद में उस तरह से सफल नहीं रहा, जैसा इससे उम्मीदें लगाई जा रही थीं। इस व्यवस्था के तहत एक दिन ऑड (विषम) नंबर और दूसरे दिन ईवन (सम) नंबर की कारें चलती हैं।

    प्रदूषण के स्तर में आंशिक सुधार लेकिन सांस पर आफत बरकरार

    राजधानी में शनिवार को प्रदूषण के स्तर में आंशिक सुधार हुआ लेकिन लोगों को उससे खास राहत नहीं मिली। पड़ोसी राज्यों से पराली का धुआं पहुंचने और वातावरण में धूल के कारण दिल्ली स्मॉग के चादर में पूरे दिन लिपटी रही। इस वजह दिल्ली सहित एनसीआर के ज्यादातर जगहों पर हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में बरकरार रही और लगातार तीसरे दिन एयर इंडेक्स 400 से अधिक बना हुआ है। इससे सांस पर आफत बरकरार है।

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    दिल्ली में एक्यूआई

    केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, अगले तीन दिन (रविवार से मंगलवार तक) हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में बनी रहेगी। सीपीसीबी द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली का एयर इंडेक्स 415 रहा जो गंभीर श्रेणी में है। एक दिन पहले दिल्ली का एयर इंडेक्स खतरनाक श्रेणी में 468 था।

    सीपीसीबी द्वारा जारी 241 शहरों के एयर क्वालिटी इंडेक्स रिपोर्ट के अनुसार शनिवार को भी ग्रेटर नोएडा देश में सबसे अधिक प्रदूषित शहर रहा। इस वजह से वहां का एयर इंडेक्स खतरनाक श्रेणी में 490 रहा। इसके अलावा गाजियाबाद को छोड़कर एनसीआर के अन्य सभी शहरों फरीदाबाद, गुरुग्राम व नोएड़ा में भी हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में रही।

    गाजियाबाद में भी हवा खराब

    गाजियाबाद में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में 394 रहा जो गंभीर श्रेणी के करीब है। सीपीसीबी के अनुसार उत्तर पश्चिम से छह से 12 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवा चलने से पड़ोसी राज्यों से पराली का धुआं दिल्ली पहुंच रहा है।

    सफर इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली के पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की करीब दो हजार घटनाएं सामने आई हैं। इस वजह से प्रदूषण में पराली के धुएं की भागीदारी करीब 40 प्रतिशत रही। इसके अलावा 60 प्रतिशत स्थानीय कारण रहे। वातावरण में धुएं की चादर छाई रहने के कारण दिल्ली में पूरे दिन सूरज की रोशनी भी ठीक से नहीं निकल पाई।

    सुबह में दृश्यता भी कम रही। पालम एयरपोर्ट पर सुबह सात से नौ बजे के बीच महज 400 मीटर और सफदरजंग के पास 500 मीटर से कम दृश्यता रही। तीन दिन बाद हवा की दिशा में बदलाव होने की संभावना है। तब प्रदूषण से थोड़ी राहत मिल सकती है।

    ये भी पढ़ें- Delhi Pollution: सांसों पर बनी आपातकाल की स्थिति में ऐसे करें अपना बचाव, प्रदूषण में भी बनी रहेगी अच्छी सेहत

    एनसीआर में एयर इंडेक्स

    दिल्ली- 415

    फरीदाबाद- 438

    ग्रेटर नोएडा- 490

    गुरुग्राम-404

    नोएडा- 408

    गाजियाबाद- 394