यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 05, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दिल्ली में अघोषित हेल्थ इमरजेंसी: आंखों में जलन, सांसों पर संकट... स्कूल बंद और सख्त प्रतिबंध; प्रदूषण से हालात चिंताजनक
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण (Air Pollution) का स्तर दिवाली से पहले ही अपने चरम पर पहुंच रहा है। रविवार को दिल्ली का एक्यूआई 454 यानी गं ...और पढ़ें

HighLights
- राजधानी का एक्यूआई 454 पर पहुंचा, ग्रेप का चौथा चरण लागू।
- सीजन की सबसे जहरीली हवा, प्राथमिक विद्यालय 10 नवंबर तक बंद।
- छह से 12वीं तक की कक्षाएं ऑनलाइन या ऑफलाइन चलाने की छूट।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण (Air Pollution) का स्तर दिवाली से पहले ही अपने चरम पर पहुंच रहा है। रविवार को दिल्ली का एक्यूआई 454 यानी 'गंभीर प्लस' की श्रेणी में आ गया। अघोषित रूप से हेल्थ इमरजेंसी के बीच आंखों में जलन, सीने में चुभन और सांस लेना मुश्किल हो रहा है।
इन हालात के बीच वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने तत्काल प्रभाव से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप, GRAP) के चौथे चरण की पाबंदियों को लागू कर दिया है। इसके तहत निर्माण, ध्वस्तीकरण और डीजल से संचालित ट्रकों के एनसीआर में प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
स्कूलों को लेकर लिए गए ये निर्णय
राज्य की शिक्षा मंत्री आतिशी ने एक्स पर पोस्ट किया कि प्राथमिक विद्यालय 10 नवंबर तक बंद रहेंगे। साथ ही छठी से 12वीं तक की कक्षाएं ऑनलाइन या ऑफलाइन चलाने की छूट दी गई है। चौथे चरण की पाबंदी के साथ ही ग्रेप के पहले, दूसरे और तीसरे चरण की पाबंदियां भी जारी रहेंगी।
सीएक्यूएम ने सभी संबंधित संस्थाओं को इन पाबंदियों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
एलएनजी, सीएनजी और इलेक्ट्रिक ट्रकों पर नहीं है प्रतिबंध
एनसीआर में एलएनजी, सीएनजी और इलेक्टि्रक ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध नहीं है। साथ ही इलेक्ट्रिक वाहन, सीएनजी और बीएस-छह इंजन वाले डीजल वाहनों को भी इन पाबंदियों से छूट रहेगी। इसके अतिरिक्त आवश्यक सेवाओं और वस्तुओं को लाने वाले वाहनों को छूट रहेगी।
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दिल्ली से बाहर पंजीकृत छोटे कमर्शियल वाहनों (एलसीवी) को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। दिल्ली में पंजीकृत डीजल से चलने वाले मीडियम गुड्स व्हीकल (एमजीवी) और हेवी गुड्स व्हीकल (एचजीवी) के दिल्ली में संचालन पर प्रतिबंध रहेगा। आवश्यक सेवाओं व वस्तुओं में लगे वाहनों को इससे छूट रहेगी।
सभी तरह के निर्माण के ध्वस्तीकरण पर रोके
ग्रेप तीन में महत्वपूर्ण सरकारी परियोजनाओं को निर्माण गतिविधियों में छूट दी गई थी। इसके चलते प्रतिबंध मुख्यत: निजी निर्माण और ध्वस्तीकरण पर ही लागू हुए थे, लेकिन अब राजमार्गों, सडकों, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज जैसी तमाम परियोजनाओं पर भी निर्माण और ध्वस्तीकरण पर रोक रहेगी।
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सरकारें ले सकती हैं इस पर फैसला
- एनसीआर में राज्य सरकारें चाहें तो छठी से 11वीं की कक्षाओं को फिजिकल की बजाय ऑनलाइन मोड में कर सकती हैं।
- सरकारें सार्वजनिक कंपनियों, स्थानीय निकायों व निजी कार्यालयों में सिर्फ 50 प्रतिशत उपस्थिति से काम कराने पर निर्णय ले सकती हैं। बाकी लोगों से वर्क फ्रॉम होम कराया जा सकता है।
- केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम करने पर निर्णय ले सकती है।
- राज्य सरकारें कुछ अतिरिक्त आपातकालीन उपायों पर भी विचार कर सकती हैं। इसमें कालेज व शैक्षिक संस्थाओं को बंद करने, नॉन-इमरजेंसी व्यावसायिक गतिविधियों को बंद करने और वाहनों को सम-विषम नंबर के आधार पर संचालित करने, शामिल हैं।