यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 23, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Delhi: वायु प्रदूषण को लेकर क्या फिर शुरू होगी राज्यों की तू-तू मैं-मैं ? हरियाणा सरकार ने किया ये दावा
Delhi Air Pollution बेशक सर्दियों की आहट के साथ ही वायु गुणवत्ता खराब होने को लेकर दिल्ली की चिंता भले बढ़ गई हो लेकिन हरियाणा सरकार का दावा है कि इस ...और पढ़ें

HighLights
- सीएक्यूएम को सौंपे स्टेट एक्शन प्लान में दिलाया गया विश्वास
- CAQM हरियाणा सरकार के साथ कर चुका है चार बैठकें
नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। Delhi Air Pollution: बेशक सर्दियों की आहट के साथ ही वायु गुणवत्ता खराब होने को लेकर दिल्ली की चिंता भले बढ़ गई हो, लेकिन हरियाणा सरकार का दावा है कि इस बार राज्य में पराली नहीं चलेगी।
यह दावा वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) को सौंपे गए हरियाणा स्टेट एक्शन प्लान में किया गया है। एक्शन प्लान मिलने के बाद सीएक्यूएम हरियाणा सरकार के अधिकारियों संग चार समीक्षा बैठक भी कर चुका है।
हरियाणा में कितने एकड़ में हुई खेती?
सीएक्यूएम के अनुसार, हरियाणा में इस सीजन में बायो डिम्कंपोजर एप्लिकेशन से पांच लाख एकड़ में धान की खेती हुई है। स्टेट एक्शन प्लान के अनुसार हरियाणा के 22 जिलों में से नौ में 2022 में भी पराली नहीं जली थी। पलवल, पानीपत, रोहतक और सोनीपत में पराली जलाने के मामले पिछले साल 100 से भी कम रहे।
वहीं, पराली के हाट स्पाट फतेहाबाद, कैथल और जींद रहे। यहां 500 से अधिक मामले सामने आए थे। इसके अलावा सिरसा, कुरुक्षेत्र, करनाल, अंबाला, यमुना नगर और हिसार में भी मामले अधिक थे।
एक्शन प्लान के अनुसार इस बार हरियाणा में तकरीबन 14.82 लाख हैक्टेयर में धान उगा है और इससे करीब 73 लाख टन पराली निकलने की संभावना है। इसके निपटान के लिए राज्य में 80 हजार से अधिक पराली प्रबंधन मशीनरी उपलब्ध हैं।
रिपोर्ट इनपुट- संजीव गुप्ता
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