Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Digital Arrest: मेहनत की कमाई पर न लगे साइबर अपराधियों की नजर, जागरण ने शुरू किया लुटेरा ऑनलाइन अभियान

    Updated: Sat, 07 Dec 2024 10:07 AM (IST)

    डिजिटल अरेस्ट के नाम पर करोड़ों की ठगी के मामलों ने झकझोर कर रख दिया है। दैनिक जागरण एक व्यापक राष्ट्रव्यापी अभियान लुटेरा ऑनलाइन शुरू कर रहा है। इस अ ...और पढ़ें

    साइबर अपराधों से सावधान रहकर बचा सकते हैं अपने पैसे।
    साइबर अपराधों से सावधान रहकर बचा सकते हैं अपने पैसे।

    HighLights

    1. साइबर अपराध के प्रति लोगों में सतर्कता बढ़ाएगा जागरण का अभियान ‘लुटेरा ऑनलाइन’।
    2. समाचार पत्र व पोर्टल से इतर लोगों के बीच पहुंचकर भी जलाई जाएगी जागरूकता की लौ।

    सौरभ श्रीवास्तव, नई दिल्ली। नोएडा में सेवानिवृत्त मेजर जनरल को उनके नाम से भेजे गए पार्सल में ड्रग्स होने की जांच के नाम पर पांच दिन डिजिटल अरेस्ट रखकर दो करोड़ की ठगी...। सोनीपत में सेवानिवृत्त अधिकारी को वॉट्सऐप पर नकली वारंट भेजकर चार दिन घर में और दो दिन होटल में डिजिटल अरेस्ट कर जांच के नाम पर सरकारी खाते बताकर विभिन्न खातों में 1.78 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवाए...।

    पटना में शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे के जाल में फंसाकर सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर से सवा करोड़ की ठगी...। वाराणसी में मनी लांड्रिंग मामले में गिरफ्तारी का भय दिखाकर सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट व उनकी पत्नी को 22 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखकर 98 लाख की ठगी...।

    साइबर ठगी के ये मामले अलग-अलग तरीके से रोज हम सभी के सामने आ रहे हैं और देशभर में प्रतिदिन लोगों से करोड़ों रुपये ठगे जा रहे हैं।

    ये साइबर ठग इतने शातिर हैं कि जरा सा आप चूके नहीं कि ये आपका बैंक खाता पलक झपकते ही खाली कर देते हैं। ऐसे में लोगों को इसके प्रति सतर्क और जागरूक करने की जरूरत को समझते हुए दैनिक जागरण एक व्यापक राष्ट्रव्यापी अभियान ‘लुटेरा ऑनलाइन’ छेड़ने जा रहा है।

    यह अभियान आपको ऑनलाइन लुटेरों से बचाने में मदद करेगा ही, ठगी होने की स्थिति में क्या करें, पैसे वापस पाने के लिए क्या प्रयास करें, उसके प्रति भी जागरूक करेगा।

    इंटरनेट की सुविधा बढ़ने से डिजिटल लेनदेन में बढ़ोत्तरी

    वर्तमान में रुपयों का लेन-देन बहुत हद तक डिजिटल हो चुका है, ऐसे में साइबर अपराध देश के समक्ष एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने हैं। डाउनलोड स्पीड बढ़ने और डाटा सस्ता होने से देश में इंटरनेट का इस्तेमाल खासा बढ़ा है। वर्ष 2014 में देश में 25 करोड़ इंटरनेट यूजर थे, जो 2024 में बढ़कर 95 करोड़ हो गए हैं।

    खबरें और भी

    दुनिया का 46 प्रतिशत डिजिटल ट्रांजेक्शन भारत में

    दुनिया में कुल डिजिटल ट्रांजैक्शन का 46 प्रतिशत वर्तमान में भारत में हो रहा है। ऐसे में बड़ी संख्या में ठगों की नजर सीधे बैंक खातों पर है। सुरक्षा एजेंसियां 1500 से दो हजार ऐसे संदिग्ध खातों की प्रतिदिन पहचान करती हैं, जिनके जरिये लोगों से साइबर ठगी की जाती है, लेकिन साइबर ठगी के मामले कम होने के बजाय बढ़ते जा रहे हैं।

    सुरक्षा एजेंसियों द्वारा संदिग्ध वेबसाइटें, इंटरनेट मीडिया पेज, मोबाइल ऐप और बैंक खाते लगातार बंद किए जाने के बावजूद साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर पर दिनभर फोन घनघनाते रहते हैं।

    इस वर्ष 19888.42 करोड़ रुपये की साइबर ठगी

    केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (आई4सी) के अनुसार, साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर इस वर्ष अब तक 14.41 लाख फोन कॉल आ चुकी हैं। वर्ष 2023 में जहां देश में कुल 921.59 करोड़ की साइबर ठगी हुई थी, इस वर्ष अब तक ये आंकड़ा कई गुना अधिक बढ़कर 19888.42 करोड़ तक पहुंच गया है।

    अखबार के साथ jagran.com से भी लोगों तक पहुंचेगा अभियान

    हमारा मानना है कि साइबर अपराध से बचने में जागरूकता ही एकमात्र प्रभावी हथियार है। ऐसे में देशभर में अधिक से अधिक लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से यह अभियान दैनिक जागरण के समस्त संस्करणों में प्रकाशित होने के साथ ही डिजिटल पोर्टल ‘जागरण डॉट काम’ के जरिये भी लोगों तक पहुंचेगा।

    ये भी पढ़ें- डिजिटल अरेस्ट से लेकर शेयर बाजार में निवेश तक... ऐसे जाल में फंसाते थे शिकार; 1.5 करोड़ से ज्यादा की ऑनलाइन ठगी

    लोगों तक पहुंचाएंगे जागरूकता

    जिस तरह साइबर अपराध का दायरा व्यापक है, उसके प्रति जागरूकता भी व्यापक स्तर पर होनी चाहिए। एक जिम्मेदार राष्ट्रीय समाचार पत्र होने की जिम्मेदारी निभाते हुए दैनिक जागरण इसे जमीन पर भी लोगों के बीच लेकर जाएगा। इसके जरिये शहर के सेक्टरों-मोहल्लों, बहुमंजिला सोसायटीज, स्कूल-कॉलेजों, बाजारों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायतों-गांवों तक जागरूकता की इस लौ को पहुंचाने की योजना बनाई गई है।

    ये भी पढ़ें- Digital Arrest: डिजिटल अरेस्ट 10 केस और 10 सबक, सावधान! उलझ ना जाना, चौंकने ही नहीं सतर्क रहने का भी जमाना

    साइबर योद्धा किए जाएंगे तैयार

    समय के साथ जागरूकता के प्रसार की यह प्रक्रिया रुक न जाए, इसके लिए इस दौरान साइबर विशेषज्ञों की मदद से शहरों-गांवों में असंख्य जागरण साइबर योद्धा भी तैयार किए जाएंगे।

    ये जागरण साइबर योद्धा अपने-अपने क्षेत्र में लोगों को जागरूक करने का सतत प्रयास करते रहेंगे। साथ ही साइबर अपराध होने की स्थिति में पीड़ितों के गाइड का भी काम करेंगे, ताकि वे कम से कम समय में सही जगह शिकायत देकर ठगी गई रकम को बचाने का प्रयास कर सकें।

    दैनिक जागरण साइबर फ्रॉड व साइबर ठगों से अपने सुधि पाठकों को जागरूक करने के लिए 'लुटेरा ऑनलाइन: सतर्क रहें' नाम से जागरुकता अभियान चला रहा है। 'लुटेरा ऑनलाइन: सतर्क रहें' सीरीज का पार्ट-1 कल पढ़िए www.jagran.com पर...