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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 07, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Congress : खड़गे के अनुभव पर कमजोर न पड़ जाए थरूर का आकर्षण, महिला डेलिगेट्स ने बताई दोनों की लोकप्रियता

    By Jagran NewsEdited By: Pradeep Kumar Chauhan
    Updated: Fri, 07 Oct 2022 10:27 PM (IST)

    Congress Presidential Poll चांदनी चौंक से पूर्व विधायक अल्का लांबा का कहना है कि दोनों ही उम्मीदवारों की अपनी खासियतें हैं लेकिन संगठन को मजबूती देने ...और पढ़ें

    Congress Presidential Poll: अल्का के मुताबिक खडगे ने संगठन में अर्श से फर्श तक का सफर तय किया है।
    Congress Presidential Poll: अल्का के मुताबिक खडगे ने संगठन में अर्श से फर्श तक का सफर तय किया है।

    नई दिल्ली [संजीव गुप्ता]। Congress Presidential Poll: कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव प्रचार में बेशक शशि थरूर बढ़त बना रहे हों, लेकिन मल्लिकार्जुन खडगे का पलड़ा भी कम भारी नहीं है। उनके तजुर्बे के आगे थरूर का आकर्षण भी फीका पड़ सकता है। कम से कम दिल्ली की महिला डेलीगेट्स से बात करके तो कुछ ऐसा ही लगता है। अध्यक्ष पद चुनाव में मतदाता के तौर पर इन सभी महिला डेलीगेट्स का कहना है कि थरूर की लोकप्रियता तो काफी है, लेकिन संगठन की मजबूती के लिए अनुभव कहीं ज्यादा मायने रखता है।

    दिल्ली महिला कांग्रेस अध्यक्ष अमृता धवन का कहना है कि शशि थरूर का अपना व्यक्तित्व है, लोकप्रियता है, प्रभाव भी है। बावजूद इसके बात जब संगठन के सर्वोच्च पद की आती है तो मल्लिकार्जुन खडगे का कद वाकई कहीं बड़ा नजर आता है। उनका जमीन से जुड़ा होना भी उनके प्रति समर्थन को विस्तार दे देता है।

    चांदनी चौंक से पूर्व विधायक अल्का लांबा का कहना है कि दोनों ही उम्मीदवारों की अपनी खासियतें हैं, लेकिन संगठन को मजबूती देने और उसका खोया स्वरूप लौटाने में खडगे ज्यादा मददगार हो सकते हैं। अल्का के मुताबिक खडगे ने संगठन में अर्श से फर्श तक का सफर तय किया है। तमाम पदों की जिम्मेदारी संभाली है। सभी का भरोसा जीता है।

    अखिल भारतीय महिला कांग्रेस में महासचिव प्रियंका सिंह ने भी थरूर के आकर्षण पर खडगे के अनुभव को ऊपर रखा। उन्होंने, खड़गे साहब की बेदाग छवि उनका सबसे बड़ा प्लस प्वाइंट है। उन्होंने कांग्रेस में अपना सफर ब्लाक अध्यक्ष से शुरू किया था और अब वे पार्टी के शीर्ष पद पर काबिज होने जा रहे हैं।

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    निस्संदेह उनका व्यक्तित्व और सफर दूसरों के लिए भी प्रेरणा है। उनके इस पद पर काबिज होने से न सिर्फ कार्यकर्ताओं का मनोबल बल्कि सम्मान भी बढ़ेगा। प्रियंका ने यह भी कहा कि थरूर एक वर्ग विशेष में ज्यादा लोकप्रिय हैं जबकि खडगे हर वर्ग में सम्मान रखते हैं।

    पूर्व पार्षद और पूर्व डूसू अध्यक्ष नीतू वर्मा सोइन भी कमोबेश ऐसी ही राय रखती हैं। वह कहती हैं, थरूर साहब का अपना एक अलग स्टाइल है, अलग वर्ग है और अपना एक अलग व्यक्तित्व है। वह एक अच्छे पार्टी नेता भी हैं। लेकिन अगर पार्टी के शीर्ष पद की बात की जाए तो यहां संगठनात्मक अनुभव, जिंदगी का तजुर्बा, उन पर पार्टी का विश्वास और पार्टी के प्रति उनका समर्पण भी बहुत मायने रखता है। बकौल नीतू, थरूर और खडगे में से एक को चुनने की स्थिति में वह अपना वोट खडगे के ही पक्ष में डालना चाहेंगी।

    मालूम हो कि दिल्ली से कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में 280 डेलीगेट मतदान करेंगे। इनमें 29 महिलाएं भी शामिल हैं, जिनमें प्रियंका गांधी वाड्रा व पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी का नाम खासतौर पर उल्लेखनीय है।