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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 04, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    चीन के नहीं वियतनाम के हैं हाईबॉक्स ऐप बनाने वाले ठग, किन-किन खातों में गए पैसे? पुलिस लगा रही पता

    Updated: Wed, 04 Sep 2024 10:48 AM (IST)

    Delhi Crime News आईएफएसओ की जांच से बड़ा खुलासा हुआ है। हाईबॉक्स में निवेश कर ठगी करने वाले ठग वियतनाम के रहने वाले हैं। हालांकि पहले चीन के नागरिक के ...और पढ़ें

    Delhi News: हाईबॉक्स में निवेश कर ठगी करने वाले ठग वियतनाम के नागरिक। फाइल फोटो
    Delhi News: हाईबॉक्स में निवेश कर ठगी करने वाले ठग वियतनाम के नागरिक। फाइल फोटो

    HighLights

    1. पहले पुलिस को चाइनीज नागरिक पर था शक।
    2. दिल्ली के सभी जिलों के केस मेन साइबर सेल को ट्रांसफर।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। हाईबॉक्स में निवेश कर ठगी करने वाले ठग वियतनाम के रहने वाले हैं। आईएफएसओ को जांच से पता चला है की वियतनाम के रहने वाले दो ठग ने यह ऐप बनाया था। पहले दिल्ली पुलिस को चाइनीज नागरिक पर इस ठगी की वारदात में शामिल होने का शक था।

    पुलिस मनी ट्रेल का लगा रही पता

    पुलिस इसके मनी ट्रेल का पता लगाने में जुटी हुई है की किस किस खाते में पैसे गए। कहां कहां के खाते हैं और ये किन किन लोगों के नाम पर खुले हुए हैं। विदेश के खातों में पैसे जाने की संभावना है।

    जांच एजेंसी का कहना है मनी ट्रेल का पता लगने में करीब 20 दिन समय लग सकता है। चेन्नई में जिस प्रॉपर्टी पर कंपनी पंजीकृत है वहां कोई ऑफिस नहीं पाया गया। वहां एक गरीब व्यक्ति का घर पाया गया। वह भी ठगी की घटना का पता लगने के बाद से गायब हैं ।

    नोएडा सेक्टर 126 का ऑफिस मिला बंद

    इस कंपनी का केवल एक नोएडा सेक्टर 126 में ही ऑफिस है जो बंद पड़ा है। इस ऑफिस को किसने लिया था अभी तक उसका भी पता नहीं लग पाया हैं। दिल्ली के सभी जिले से केस मेन साइबर सेल को ट्रांसफर कर दिया गया है।

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