यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
G20 Summit: BSF, NSG और CRPF ने संभाला मोर्चा, होटलों पर एंटी ड्रोन सिस्टम तैनात; स्नाइपर्स भी रख रहे पैनी नजर
आगामी आठ सितंबर से शुरू होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान किसी भी तरह के हमले व अन्य हालात से तुरंत निपटने के लिए विदेशी सुरक्षा एजेंसियां भारतीय ...और पढ़ें

HighLights
- बीएसएफ, एनएसजी और सीआरपीएफ संभाल रहे एंटी ड्रोन सिस्टम की जिम्मेदारी।
- सुरक्षा यूनिट ने होटलों को कब्जे में लिया, स्नाइपर राइफल से लैस कमांडो किए गए तैनात।
- सभी 23 होटलों, प्रगति मैदान, राजघाट आदि जगहों पर इनके जवानों ने संभाला मोर्चा।
नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। आगामी आठ सितंबर से शुरू होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान किसी भी तरह के हमले व अन्य हालात से तुरंत निपटने के लिए विदेशी सुरक्षा एजेंसियां, भारतीय केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां, पैरा मिलिट्री और एयरफोर्स समेत दिल्ली पुलिस की विभिन्न यूनिट पूरी तरह से तैयार हैं। गुरुग्राम के दो और दिल्ली के 23 होटलों में 29 देशों के राष्ट्राध्यक्ष, उक्त देशों के मंत्रियों व अंतरराष्ट्रीय संगठनों के पदाधिकारी ठहरेंगे।
इन होटलों के अलावा प्रगति मैदान, राजघाट और अन्य संबंधित जगहों पर ड्रोन से होने वाले हमले को रोकने के लिए बीएसएफ (BSF), एनएसजी (NSG) व सीआरपीएफ (CRPF) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन तीनों एजेंसियों ने अपने-अपने एंटी ड्रोन सिस्टम लगाकर मोर्चा संभाल लिया है।

दूर से ड्रोन को मार गिराने की क्षमता
इनके पास सबसे आधुनिक तरीके के एंटी ड्रोन सिस्टम हैं। इसलिए इन्हें ये महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के पास सबसे खास तरीके के एंटी ड्रोन गन हैं। इनसे करीब दो किलोमीटर के रेंज में दुश्मनों के किसी भी तरह के ड्रोन को मार गिराया जा सकता है।
होटलों की छतों पर एंटी ड्रोन सिस्टम लगा, स्नाइपर भी तैनात
पुलिस अधिकारी के अनुसार, बीएसएफ और एनएसजी के साथ सीआरपीएफ ने होटलों की छतों पर एंटी ड्रोन सिस्टम लगाकर मोर्चा संभाल लिया है। होटलों, प्रगति मैदान व अन्य सभी जगहों पर दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के स्वाट कमांडो को तैनात कर दिया गया है। ये स्नाइपर राइफलों से लैस हैं।
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राइफल से अंधेरे में डेढ़ किमी तक दुश्मनों को मारने की क्षमता
इस राइफल की खासियत यह है कि इससे रात के अंधेरे में भी करीब डेढ़ किलोमीटर दूर तक दुश्मनों को मार गिराया जा सकता है। सभी होटलों व प्रगति मैदान में एंटी सबोटेज टीम को भी तैनात कर दिया गया है, जो किसी भी तरह की आपात स्थिति में तुरंत मोर्चा संभाल सके। इसमें स्पेशल सेल और सुरक्षा यूनिट के जवान शामिल हैं।
मंगलवार से होटलों में बाहर के लोगों का प्रवेश नहीं
होटलों की पिछले कई दिनों तक मल्टी एजेंसियों द्वारा जांच पड़ताल के बाद दिल्ली पुलिस की सुरक्षा यूनिट ने अब पूरी तरह अपने कब्जे में ले लिया है। होटलों में विदेशी व भारतीय सुरक्षा एजेंसी, पैरा मिलिट्री, एनडीआरएफ व दिल्ली पुलिस की अभी ही तैनाती कर दी गई है। मंगलवार से होटलों में बाहरी लोगों के ठहरने की अनुमति नहीं होगी। होटल पूरी तरह से दिल्ली पुलिस के कब्जे में रहेगा।
केंद्रीय एजेंसियां मिलकर कर रहीं सुरक्षा अभ्यास
ऐसा पहली बार देखा जा रहा है जब देश की सभी सुरक्षा एजेंसियां एक साथ मिलकर पिछले कई माह से दिन रात सुरक्षा तैयारियों में जुटी हुई थीं। सोमवार को भी सभी केंद्रीय एजेंसियों ने विदेशी सुरक्षा एजेंसियों व दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर कारकेड के साथ मिलकर सुरक्षा अभ्यास किया। सुबह छह बजे अभ्यास शुरू किया गया जो दोपहर तक चला। विभिन्न होटलों से 60 कारकेड पहले राजघाट व फिर प्रगति मैदान पहुंचे।