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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Delhi: बैंकों को 20 करोड़ का चूना लगाने वाले के हाथों पर चढ़ी हथकड़ी; गिरफ्तारी से बचने के लिए बदला था भेष

    By Dhananjai MishraEdited By: Abhi Malviya
    Updated: Fri, 24 Mar 2023 08:55 PM (IST)

    संपत्ति का फर्जी कागजात तैयार कर विभिन्न बैंकों से 20 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाले जालसाज को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। आरोपित की पहचान ग ...और पढ़ें

    संपत्ति का फर्जी कागजात तैयार कर विभिन्न बैंकों से 20 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाला गिरफ्तार हो गया है।
    संपत्ति का फर्जी कागजात तैयार कर विभिन्न बैंकों से 20 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाला गिरफ्तार हो गया है।

    नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। संपत्ति का फर्जी कागजात तैयार कर विभिन्न बैंकों से 20 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाले जालसाज को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। आरोपित की पहचान गिरीश दत्त के तौर पर हुई है। आरोपित पितम पुरा इलाके का रहने वाला है। आरोपित ने अपने साथियों सुरेश कुमार उर्फ धीरज, लल्लन कुमार उर्फ प्रदीप, बृजेश केडिया उर्फ अविनाश शर्मा, सुनील कुमार, सतीश कुमार और अमित शर्मा, दिनेश अग्रवाल और गौरव सेठी के साथ मिलकर वर्ष 2012 में ठगी को अंजाम दिया। इस मामले में आरोपित के साथी पहले गिरफ्तार हो चुके हैं।

    पुलिस अधिकारी ने बताया कि गिरीश ठगी के कई के मामलों में गिरफ्तार किया गया था और बाद में उसे अदालत ने जमानत दे दी थी। मुकदमे के दौरान उसने अदालत में पेश होना बंद कर दिया और वह अदालती कार्रवाई से बच रहा था। आरोपित ने अपनी पहचान बदल ली थी। उसने दाढ़ी बढ़ाई और अपना नाम बदलकर नरेंद्र रख लिया और अपनी आपराधिक गतिविधियों को छिपाने के लिए वह ओला कैब चला रहा था। वह जानबूझकर अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए बार-बार अपना पता और ठिकाना बदल रहा था।

    क्राइम ब्रांच की टीम ने मुखबिर से मिली सूचना के बाद आरोपित को अमन विहार इलाके से गिरफ्तार किया कर लिया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपित ने अपने साथियों के साथ मिलकर पीएनबी से तीन करोड़ रुपये, ओबीसी से दो करोड़, पंजाब एंड सिंध बैंक से 2.6 करोड़ रुपये, बैंक आफ इंडिया से 2.5 करोड़, सेंट्रल बैंक आफ इंडिया से 1.39 करोड़ इसके साथ अन्य बैंकों को भी करोड़ों रुपये का चूना लगाया था।