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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 29, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आइजीआइ एयरपोर्ट पर मानव तस्करी का भंडाफोड़, एयरपोर्ट कर्मी था शामिल

By Amit MishraEdited By:
Updated: Sun, 30 Oct 2016 10:15 AM (IST)

जांच में यह भी पता चला कि आरोपी यात्रियों ने चेक इन काउंटर पर चेक इन नहीं कराया था। एयरपोर्ट कर्मी अरशद अली ने उन्हें शौचालय में बोर्डिंग पास दिया था।

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नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। आइजीआइ एयरपोर्ट पर मानव तस्करी का मामला सामने आया है। महिला सहित 2 लोग अवैध दस्तावेज पर विदेश जाने की फिराक में थे। दोनों ने खुद को पति-पत्नी बताया, लेकिन एयरलाइंस अधिकारियों को दस्तावेज में दर्ज उनकी जन्मतिथि और वर्तमान उम्र देखकर शक हुआ।

पूछताछ के बाद पता चला कि दोनों के पास फर्जी पासपोर्ट और वीजा है। मामले में एक एयरपोर्ट कर्मी की भी संलिप्तता सामने आई। सीआइएसएफ ने दोनों यात्रियों सहित एयरपोर्ट कर्मी अरशद अली को दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया है।

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जांच में यह भी पता चला कि आरोपी यात्रियों ने चेक इन काउंटर पर चेक इन नहीं कराया था। एयरपोर्ट कर्मी अरशद अली ने उन्हें शौचालय में बोर्डिंग पास दिया था। अरशद ने पकड़े जाने से बचने के लिए छुट्टी पर रहे अपने एक साथी की लॉगिन आइडी से बोर्डिंग पास निकाला था।

आइजीआइ थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। सीआइएसएफ अधिकारियों ने बताया कि घटना 28 अक्टूबर की है। सीआइएसएफ की इंटेलीजेंस टीम को पता चला कि महिला सहित 2 लोगों को स्विस एयरलाइंस की फ्लाइट से उतारा गया है। दोनों पति-पत्नी के रूप में ज्यूरिख जाने की तैयारी में थे।

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आरोपियो के पास से बरामद दस्तावेज में उनकी उम्र 61 और 62 वर्ष थी, जबकि वास्तव में दोनों 42 और 35 साल के थे। पूछताछ में यात्रियों ने बताया किया कि वे मूल रूप से गुजरात के अहमदाबाद के रहने वाले हैं और कनाडा में नौकरी के लिए जा रहे थे। उन्होंने स्थानीय एजेंट रमेश भाई से कागजात तैयार करवाए थे।