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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    ISIS Terrorist: बड़ी साजिश नाकाम, ब्रेनवाश कर मुस्लिम युवाओं को जिहादी बनाने में जुटा था रिजवान; खतरनाक थे इरादे

    Updated: Fri, 09 Aug 2024 09:11 PM (IST)

    ISIS Terrorist भारत में मुस्लिम युवाओं का ब्रेनवाश कर जिहादी बनाने की साजिश को दिल्ली पुलिस ने नाकाम कर दिया है। 15 अगस्त से पहले पुलिस ने आईएसआईएस आत ...और पढ़ें

    आईएसआईएस (ISIS) आतंकी रिजवान अली। फाइल फोटो
    आईएसआईएस (ISIS) आतंकी रिजवान अली। फाइल फोटो

    HighLights

    1. भारत में बड़ा संगठन खड़ा करना चाहते थे ISIS आतंकी।
    2. मॉड्यूल के अधिकतर सक्रिय आतंकी हो चुके हैं गिरफ्तार।
    3. मुस्लिम युवाओं का ब्रेनवाश कर जिहादी बनाने की थी तैयारी।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। स्पेशल सेल द्वारा गिरफ्तार किए गए आईएसआईएस (ISIS) आतंकी रिजवान अली फरार रहते हुए स्लीपर सेल बनकर मुस्लिम युवाओं का ब्रेनवाश कर उन्हें जिहादी बनाने व आईएसआईएस के लिए भर्ती करने में जुटा हुआ था।

    आईएसआईएस के इस मॉड्यूल के अधिकतर सक्रिय आतंकियों के गिरफ्तार हो जाने पर रिजवान नए युवाओं की भर्ती कर मॉड्यूल को दोबारा खड़ा करने की कोशिश कर रहा था। इंडियन मुजाहिद्दीन के 50 से अधिक आतंकियाें को दबोचे जाने पर यह संगठन पूरी तरह से खत्म हो चुका है। जिसके बाद अब देश में आईएसआईएस तेजी से पैर पसारना शुरू कर दिया है।

    बेहद खतरनाक थे इरादे

    इस मॉड्यूल के कई सदस्याें के पकड़े जाने व उनके ठिकाने से विस्फोटक बनाने के अलग-अलग उपकरण जिनमें प्लास्टिक ट्यूब, आयरन पाइप, अलग-अलग तरह के केमिकल और टाइमर, डेटोनेटर व दूसरे डिवाइस बरामद होने से पता चलता है कि इनके इरादे भी बेहद खतरनाक थे, लेकिन एनआईए, मुंबई एटीएस, गुजरात एटीएस व स्पेशल सेल ने एक के बाद कई आतंकियों को दबोच कर इनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। जिससे यह मॉड्यूल भी देश में कहीं भी अपने नापाक इरादों में कामयाब नहीं हो पाए हैं।

    पिछले साल स्पेशल सेल द्वारा गिरफ्तार किए गए शाहनवाज के पास से पिस्टल, कारतूस और बम बनाने के अलग-अलग लिटरेचर बरामद हुए थे। उसके पास 500 जीबी डाटा मिला था जिसमें पीडीएफ, वीडियो, फोटो और ऑडियो आदि शामिल थे। ये सब सीमा पार बैठे लश्कर के हैंडलर्स ने भेजे गए थे। जांच से पता चला था कि अलग-अलग एप के जरिए ये लोग आपस में बातचीत कर जानकारी जुटाते थे कि किस तरह के केमिकल का इस्तेमाल बम बनाने में किया जाए ताकि उससे अधिक से अधिक नुकसान पहुंचाई जा सके।

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    इनकी योजना ऐसे जगहों पर ब्लास्ट करने की थी, जहां बड़ी संख्या में हिंदू समुदाय के लोगाें का जमावड़ा हो। गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ में पता चला था कि उन्होंने पश्चिम व दक्षिण भारत आदि राज्यों में अलग-अलग जगहों पर जाकर रेकी कर चुके थे।

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    ट्रेनिंग कैम्प बनाकर रहते थे ये लोग

    वहीं, पश्चिमी घाट यानी गुजरात से लेकर केरल तक इन्होंने अपना ठिकाना बनाने की कोशिश की थी। कई जगहों पर जंगलों में इन्होंने हफ्ते भी बिताए थे। वहां ये लोग ट्रेनिंग कैम्प बनाकर रहते थे। गुजरात व अहमदाबाद में भी कई जगहों पर उन लोगों ने रेकी की थी। जंगलों में कई जगहों पर इन्होंने बम ब्लास्ट कर उसकी तीव्रता जांचने की कोशिश की थी।

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