Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Monkeypox: सफदरजंग अस्पताल के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में बना मंकीपॉक्स आइसोलेशन वार्ड, ये हैं लक्षण और उपाय

    Updated: Tue, 27 Aug 2024 11:59 AM (IST)

    What is Monkeypox Symptoms देश के साथ ही इन दिनों दुनियाभर में मंकीपॉक्स का संक्रमण बढ़ता जा रहा है। जिसको देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स ...और पढ़ें

    Monkeypox: स्वास्थ्य मंत्रालय के सफदरजंग अस्पताल में एक नोडल अधिकारी नियुक्त। फाइल फोटो
    Monkeypox: स्वास्थ्य मंत्रालय के सफदरजंग अस्पताल में एक नोडल अधिकारी नियुक्त। फाइल फोटो

    HighLights

    1. मंकीपॉक्स के इलाज के लिए सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में बना आइसोलेशन वार्ड।
    2. अभी तक मंकीपॉक्स का कोई वास्तविक केस नहीं आया सामने।
    3. दुनियाभर में कई केस को देखते हुए WHO ने इसे वैश्विक इमरजेंसी किया घोषित।

    राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। (Mpox Outbreak) मंकीपॉक्स के संक्रमण की आशंका के मद्देनजर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सफदरजंग अस्पताल में एक नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिया गया है। इसके अलावा अस्पताल प्रशासन ने सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में इसके इलाज के लिए आइसोलेशन वार्ड बनाया है।

    मरीज को जल्द इलाज देने की कोशिश

    साथ ही इसके इलाज के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी किया है। ताकि मंकीपॉक्स के संदेहास्पद मरीज की पहचान होने पर जल्दी उसे भर्ती कर इलाज शुरू हो सके।

    अस्पताल द्वारा जारी एसओपी में कहा गया है कि मंकीपॉक्स के मरीजों को‌ बुखार, सिर दर्द, शरीर में दर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते, फफोले, गले या शरीर के विभिन्न हिस्सों में सूजन हो जाती है। इस वजह से लिंफ्नोड निकल जाते हैं। ऐसे लक्षण होने पर मरीज को दूसरे मरीज से अलग कर स्क्रीन की जाएगी।

    छह कमरे इसके इलाज के लिए आरक्षित

    सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के प्राइवेट वार्ड में छह कमरे इसके इलाज के लिए आरक्षित किए गए हैं। मरीज को तुरंत आइसोलेशन वार्ड में स्थानांतरित किया जाएगा। कुछ दिन पहले एम्स ने भी मंकीपॉक्स के इलाज के लिए पांच बेड आरक्षित किए थे।

    एम्स में एक संदेहास्पद मरीज भी सामने आया था। अभी तक मंकीपॉक्स का कंफर्म मामला सामने नहीं आया है। दुनिया के कई देशों में इसके मामले आए गए हैं। इस वजह से विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यू एचओ) ने इसे वैश्विक स्तर पर इमरजेंसी घोषित किया है।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें: Mohalla Bus: दिल्ली की सड़कों पर कब से दौड़ेगी मोहल्ला बसें, केजरीवाल सरकार ने दिया बड़ा अपडेट