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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 31, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    पूरी जनवरी दिल्लीवालों पर छाया रहा सांसों पर संकट, टूटा रिकॉर्ड; आठ साल में सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा यह महीना

    Updated: Wed, 31 Jan 2024 07:16 AM (IST)

    2024 की जनवरी में दिल्ली वासियों ने कड़ाके की सर्दी ही नहीं झेली पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक प्रदूषित हवा में भी सांस ली है। न केवल बहुत खराब ...और पढ़ें

    पूरी जनवरी दिल्लीवालों पर छाया रहा सांसों पर संकट।
    पूरी जनवरी दिल्लीवालों पर छाया रहा सांसों पर संकट।

    HighLights

    1. एक भी दिन नहीं मिली दिल्ली को साफ हवा, 27 दिन दर्ज की गई ''बहुत खराब'' श्रेणी में।
    2. 2016 के बाद माह का औसत एक्यूआई भी रहा सबसे ज्यादा 354।

    संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। 2024 की जनवरी में दिल्ली वासियों ने कड़ाके की सर्दी ही नहीं झेली, पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक प्रदूषित हवा में भी सांस ली है। न केवल ''बहुत खराब'' श्रेणी के एयर इंडेक्स वाले दिन बढ़ गए बल्कि एक भी दिन ''मध्यम'' और ''संतोषजनक'' श्रेणी की हवा नहीं मिली। माह का औसत एयर इंडेक्स भी जनवरी 2016 के बाद सबसे ज्यादा दर्ज किया गया।

    केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक इस साल जनवरी में दो दिन दिल्ली का एक्यूआई 400 से ऊपर यानी ''गंभीर'' श्रेणी में रहा। 27 दिन 300 से 400 के बीच यानी ''बहुत खराब'' जबकि एक दिन 200 से 300 के बीच यानी ''खराब'' श्रेणी में दर्ज हुआ। किसी भी दिन एयर इंडेक्स 200 से नीचे नहीं गया। सीपीसीबी ने मई 2015 से एयर इंडेक्स मापना शुरू किया था, तब से अब तक इस साल दूसरी सबसे प्रदूषित जनवरी रही है।

    यहां यह भी उल्लेखनीय है कि इस बार सर्दियों का पूरा सीजन ही कहीं ज्यादा प्रदूषित रहा है। अक्टूबर से जनवरी तक मंगलवार को 102वां दिन था, जब दिल्ली का एक्यूआई लगातार ''खराब'', ''बहुत खराब'' या ''गंभीर'' श्रेणी में रहा है।

    कड़वा सच यही है कि हम दिल्ली में प्रदूषण के आंतरिक और बाहरी स्रोतों की मात्रा निर्धारित करने में विफल रहे हैं। इस दिशा में न सिर्फ दिल्ली-एनसीआर बल्कि मैदानी क्षेत्रों के सभी राज्यों के लिए तुरंत गंभीर प्रयास करने की जरूरत है। वास्तव में भारत जैसे देश, जहां सर्दियों में सीमित वर्षा होती है, पार्टिकुलेट मैटर को मापना अथवा निगरानी करना बेकार है। इससे अधिक जरूरी प्रदूषण की रोकथाम के उपाय करना है।

    -डॉ. दीपांकर साहा, पूर्व अपर निदेशक, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी)

    मंगलवार को दिल्ली के पांच इलाकों का एक्यूआई रहा ''गंभीर''

    केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, मंगलवार को दिल्ली का एक्यूआई समग्र तौर पर 357 रहा। इस स्तर की हवा को ''बहुत खराब'' श्रेणी में रखा जाता है। एक दिन पहले सोमवार को यह 356 था। पांच इलाकों का एक्यूआई 400 से ज्यादा यानी ''गंभीर'' श्रेणी में दर्ज किया गया।

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    पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से बुधवार और बृहस्पतिवार को दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में तेज हवा के साथ बरसात होने की संभावना जताई गई है। अगर वर्षा होती है तो प्रदूषण के स्तर में भी थोड़ी कमी आने की संभावना है।