दिल्ली के कालकाजी मंदिर में प्रसाद को लेकर विवाद, सेवादार की पीट-पीटकर हत्या; पांच आरोपी गिरफ्तार
दक्षिण दिल्ली के कालकाजी मंदिर में दर्शन करने आए युवकों ने सेवादार योगेंद्र सिंह की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने अतुल पांडे नामक एक आ ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, दक्षिण दिल्ली। कालकाजी मंदिर में दर्शन करने आए कुछ युवकों ने प्रसाद में चुन्नी नहीं देने पर सरेआम मंदिर के एक सेवादार योगेंद्र सह की परिसर में ही लाठी-डंडों से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी। शुक्रवार शाम हुई इस वारदात में आरोपितों ने सेवादार के दम तोड़ने तक उस पर लाठियां बरसाईं। उनकी यह करतूत सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई।
वारदात के बाद जब आरोपित भागने लगे तो आसपास के लोगों ने एक आरोपित अतुल पांडे को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने मामले में कुल पांच आरोपितों को दबोचा है। जब यह वारदात हुई तब मौके पर कई सेवादार मौजूद थे, लेकिन किसी ने भी योगेंद्र को बचाने की कोशिश नहीं की।
उधर, कालकाजी मंदिर कमेटी के सचिव सिद्धार्थ भारद्वाज ने कहा कि मंदिर की सुरक्षा बढ़ाने को लेकर पुलिस उपायुक्त के साथ बैठक की जाएगी।मूलरूप से उत्तर प्रदेश के हरदोई स्थित फतेहपुर गांव निवासी 32 वर्षीय योगेंद्र सह कालकाजी मंदिर में सेवादार थे। वह मंदिर में आने वाले भक्तों के हाथों में धागा बांधते थे।
शुक्रवार शाम मंदिर में काफी भीड़ थी। इसलिए उन्हें श्रद्धालुओं की कतार को व्यवस्थित करने के लिए लगाया गया था। रात करीब आठ बजे पांच-छह युवक दर्शन के बाद गलत रास्ते से लौटने लगे तो योगेंद्र ने उन्हें बाहर जाने को कहा। युवकों ने कहा कि उन्हें प्रसाद में चुन्नी भी चाहिए तब सेवादार ने कहा कि अभी बहुत भीड़ है, इसलिए थोड़ी देर में आ जाना, लेकिन युवकों की उनसे बहस हो गई।
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बाद में जब योगेंद्र प्याऊ की तरफ गए तो आरोपितों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। सिर में कई वार होने पर योगेंद्र खुद को बचाने के लिए भागे पर कुछ दूर जाकर जमीन गिर गए। आरोपित इसके बाद भी उन्हें लाठियां मारते रहे, जब तक उन्होंने दम नहीं तोड़ दिया। एम्स के ट्रामा सेंटर ले जाने पर डाक्टरों ने योगेंद्र को मृत घोषित कर दिया।
सीसीटीवी में दिख रही वीभत्सता
इस वारदात की सीसीटीवी फुटेज इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो गई। फुटेज में आरोपित सेवादार योगेंद्र को बेसुध होने तक मारते नजर आ रहे हैं। फुटेज में छह से ज्यादा संदिग्ध दिख रहे हैं। दक्षिणी पूर्वी जिले के डीसीपी हेमंत तिवारी ने बताया कि पुलिस ने मामले में पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
इनमें तुगलकाबाद के चुरिया मोहल्ला निवासी मोहन बिधूड़ी उर्फ भूरा मुख्य आरोपी है, जबकि कुलदीप बिधूड़ी उसका चचेरा भाई है। दक्षिणीपुरी निवासी अतुल पांडे मूल रूप से गोरखपुर का रहने वाला है और पेशे से पेंटर है। दो अन्य आरोपितों की पहचान गोविंदपुरी निवासी नितिन पांडे व उसके पिता अनिल के रूप में हुई है।
अनिल ने आरोपितों को छिपाने में मदद की थी। एक अन्य सेवादार राजू ने बताया कि ये लोग पूर्व में भी मंदिर में दर्शन के दौरान अभद्रता कर चुके हैं। सूत्रों के अनुसार ये घटना शुक्रवार रात करीब साढ़े आठ बजे की है, लेकिन पुलिस को रात साढ़े नौ बजे सूचना दी गई।
15 साल से सेवादार थे योगेंद्र
योगेंद्र करीब 15 साल से कालकाजी मंदिर में सेवादार थे। उनके परिवार की कई पीढि़यां दशकों से माता की सेवा करती आ रही हैं। योगेंद्र का परिवार गांव में ही रहता है, जिसमें पत्नी सहित छह साल की दिव्यांग बेटी परी और आठ साल का बेटा कृष्णा है। परिवार में योगेंद्र ही अकेले कमाने वाले थे।