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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 20, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

PM Kisan Samman 2022: झारखंड की देविका मुखर्जी का कमाल, Divavi App से कम कर रहीं किसान व बाजार के बीच की दूरी

By Gautam Kumar MishraEdited By: JP Yadav
Updated: Thu, 20 Oct 2022 10:13 AM (IST)

Divavi App दिवावी ऐप के माध्यम से न सिर्फ किसानों के सीधे उनके उत्पाद की खरीद की जाती है बल्कि उसका मूल्य संवर्धन भी किया जाता है। इतना ही संवर्धित उत्पाद की पैकेजिंग भी दिवावी ही करती है।

झारखंड के देवघर की रहने वाली देविका मुखर्जी दिवावी ऐप के जरिये किसानों की मदद कर रही हैं। फोटो जागरण
झारखंड के देवघर की रहने वाली देविका मुखर्जी दिवावी ऐप के जरिये किसानों की मदद कर रही हैं। फोटो जागरण

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। Divavi App: पीएम किसान सम्मान सम्मेलन 2022 ( PM Kisan Samman Sammelan 2022) के दौरान दिल्ली में पूसा स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान परिसर में आयोजित स्टार्टअप प्रदर्शनी में महिला सशक्तीकरण खूब नजर आया। यहां महिला उद्यमियों द्वारा शुरू किए गए स्टार्टअप को यहां आए अतिथियों ने खूब सराहा।

लोगों को लुभा रहा दिवावी ऐप

महिलाओं को मिल रही सराहना के बीच दिवावी ऐप के स्टाल ने यहां सभी का ध्यान खींचा। स्टाल पर दिवावी ऐप की पंच लाइन ‘गांव का बाजार’ देखकर लोग आकर्षित हो रहे थे। इस ऐप को बनाने वाली देविका मुखर्जी लोगों को पूरी जानकारी दे रही थीं।

देश भर किसानों के उत्पाद बेच रहीं देविका मुखर्जी

झारखंड के देवघर की निवासी देविका मुखर्जी दिवावी ऐप के माध्यम से बाजार की पहुंच से दूर किसानों के उत्पाद को देश भर में बेचने का काम कर रही है। यह ऐप किसानों को आनलाइन प्लेटफार्म उपलब्ध कराता है। उत्पाद के  आनलाइन प्लेटफार्म पर पहुंचने से पहले स्रोत से स्टोर तक पहुंचने के दौरान लाजिस्टिक भी दिवावी ही उपलब्ध कराती है।

किसानों को बनाया जा रहा उद्यमी 

किसान से उत्पाद खरीदकर ग्राहक को बेचने का कार्य तो कोई भी आनलाइन प्लेटफार्म पर हो सकता है। देविका बताती हैं कि उनका कार्य केवल किसानों के उत्पाद की बिक्री करना नहीं है, इस एप से जुड़े किसानों को उद्यमी भी बनाना है। उदाहरण के तौर पर देविका पूर्वोत्तर के राज्यों में उगाई जाने वाली हल्दी की मिसाल देती हैं। बाजार में यहां की हल्दी की खूब मांग रहती है। अब जरूरी नहीं है कि हर किसान के पास बड़ी मात्रा में हल्दी हो। लेकिन यह कार्य समूह में किया जाए तो हल्दी की मात्रा बढ़ सकती है, जब किसान हमसे संपर्क करते हैं तो हम उनसे जाकर मिलते हैं।

कई राज्यों में फैला है नेटवर्क

कोरोना महामारी के दौरान इस ऐप से कई महिलाओं को मदद भी मिली। आज झारखंड, छत्तीसगढ़, केरल, कर्नाटक, असम, सिक्किम सहित कई राज्यों के किसान दिवावी से जुड़े हैं। इस ऐप के जरिये किसान व बाजार के बीच बिचौलियों की भूमिका को समाप्त किया जा रहा है।

किसानों को सिखा रहीं मार्केटिंग का हुनर

देविका बताती हैं कि बाजार में उत्पाद की बिक्री के लिए सबसे ज्यादा जरूरी इसके मार्केटिंग का हुनर होना जरूरी है। हम किसानों को मार्केटिंग का हुनर भी सिखा रहे हैं। तेजी से फैल रहे कारोबार के बीच देविका ने दिवावी का पहला स्टोर भुवनेश्वर में खोला है।